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डॉक्टरों को दो माह से वेतन नहीं, उधार के डीजल से दौड़ रहे पशु एम्बुलेंस

कलेक्ट्रेट में सांकेतिक प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

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खंडवा

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Rajesh Patel

Jul 15, 2023

खंडवा . सरकार की चलित पशु चिकित्सा इकाई दो माह से बैसाखी पर है। पशु एम्बुलेंस उधार के डीजल से दौड़ रही हैं। डॉक्टर और एम्बुलेंस का संचालन करने वाले कर्मचारियों को दो माह से वेतन नहीं मिला है। ुजिले में 12 मई से पशु एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई। पशु एम्बुलेंस दो माह से रोगी कल्याण विभाग से संचालित हो रही हैं। पेट्रोल पंप से उधार की डीजल लेकर एम्बुलेंस सेवाएं दे रहीं हैं।

टी एंड एम कंपनी द्वारा अभद्र व्यवहार किया जा रहा

चलित पशु चिकित्सा इकाई में सेवा दे रहे पशु चिकित्सक, सहायक, चालक और अटेंडर को दो माह से वेतन नहीं मिला है। शुक्रवार की दोपहर लामबंद डॉक्टर समेत कर्मचारी कलेक्टोरेट पहुंचे। सांकेतिक प्रदर्शन कर चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर कहा कि चलित पशु चिकित्सा में कार्यरत कर्मचारी आउट सोर्स पर हैं। कर्मचारियों को पशु चिकित्सा विभाग के अधीन किया जाए। आउट सोर्स कर्मचारियों को दो माह से वेतन नहीं मिला है। टी एंड एम कंपनी द्वारा अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। कर्मचारियों को किसी तरह के अवकाश की पात्रता नहीं दी गई है। दस घंटे चलित वाहन में कार्य करने के दौरान बीमा तक लाभ नहीं दिया जा रहा। कर्मचारियों को पशु पालन एवं डेरी विभाग मप्र शासन के अधीन किया जाए। इससे कंपनी को दिए जा रहे कंसल्टेंसी चार्ज की बचत होगी। मांगे पूरी नहीं होने पर पांच दिन बाद सामूहिक अवकाश पर जाने को विवश होंगे।

दो माह बाद भी डॉक्टर नहीं

चलित पशु चिकित्सा इकाई में दो माह से नियुक्त डॉक्टरों ने पुनासा और किल्लौद में ज्वाइन नहीं किया। दोनों ब्लाकों में एम्बुलेंस में चालक और अटेंडर सेवाएं दे रहे हैं। पशुओं में गंभीर बीमारी की सूचना पर एम्बुलेंस चालक संबंधित ब्लॉक में पदस्थ डॉक्टर को काल करते हैं।

शेष ब्लाकों में एम्बुलेंस इलाज के लिए पहुंच रही है।

हर माह 1200 काल अटेंड का दावा

विभाग के अधिकारियों का दावा है कि पशु एम्बुलेंस से प्रति दिन 35-40 पशुओं का इलाज हो रहा है। इस औसत से हर माह 1200 पशुओं के बीमार होने की सूचना फोन पर मिल रही है। एम्बुलेंस काल को अटेंड कर पशुओं के इलाज की सेवाएं दे रहे हैं।