खंडवा. कृषि उपज मंडी गेट पर किसानों से अधिकारियों कर्मचारियों की मिलीभगत से खुलेआम अवैध वूसली हो रही है। कर्मचारी गेट पर मंडी में प्रवेश पर्ची के लिए किसानों से दस-दस रुपए वसूल कर रहे हैं। प्रवेश पर्ची पर वाहन, जिंस, मात्रा का विवरण दर्ज है लेकिन प्रवेश शुल्क का कोई जिक्रनहीं है। सैकड़ों किसानों से रोजाना हो रही संगठित अवैध वसूली पर अफसर गोलमाल जवाब दे रहे हैं।
तीन काउंटर लगाकर पर्ची काटी जा रही है
इन दिनों रबी सीजन की फसल सोयाबीन, कपास, मूंग, उड़द बेचने के लिए रोजाना एक हजार से अधिक किसान मंडी पहुंच रहे हैं। परिसर में प्रवेश के नाम पर तीन काउंटर लगाकर पर्ची काटी जा रही है । प्रति वाहन 10 रुपए वसूले जा रहे हैं। कुछ किसानों से कर्मचारी फुटकर नहीं होने का बहाना करके इससे ज्यादा वसूल रहे हैं, लेकिन किसानों को इसकी रसीद नहीं दी जा रही है।
दस-दस, बीस-बीस रुपए का नोट लिए कतार में
गुरुवार सुबह दर्जनों किसान मुट्ठी में दस-दस, बीस-बीस रुपए का नोट लिए कतार में खड़े रहे। अधिकांश किसान छोटा हाथी, ट्रैक्टर-ट्रॉली में सायोबीन व मक्का लेकर पहुंचे। मंडी सचिव ने दावा किया कि खेतिया मंडी में इस शुल्क को बंद करवा दिया है। यहां पर बैलगाड़ी से दो रुपए व वाहनों से पांच रुपए निर्धारित किया गया है। अवैध वूसली का पता लगाएंगे।
करोड़ों की कमाई वाली मंडी में किसानों से लाखों की अवैध वसूली, देखिए वीडियो
खंडवा. कृषि उपज मंडी गेट पर किसानों से अधिकारियों कर्मचारियों की मिलीभगत से खुलेआम अवैध वूसली हो रही है। कर्मचारी गेट पर मंडी में प्रवेश पर्ची के लिए किसानों से दस-दस रुपए वसूल कर रहे हैं। प्रवेश पर्ची पर वाहन, जिंस, मात्रा का विवरण दर्ज है लेकिन प्रवेश शुल्क का कोई जिक्रनहीं है। सैकड़ों किसानों से रोजाना हो रही संगठित अवैध वसूली पर अफसर गोलमाल जवाब दे रहे हैं।
तीन काउंटर लगाकर पर्ची काटी जा रही है
इन दिनों रबी सीजन की फसल सोयाबीन, कपास, मूंग, उड़द बेचने के लिए रोजाना एक हजार से अधिक किसान मंडी पहुंच रहे हैं। परिसर में प्रवेश के नाम पर तीन काउंटर लगाकर पर्ची काटी जा रही है । प्रति वाहन 10 रुपए वसूले जा रहे हैं। कुछ किसानों से कर्मचारी फुटकर नहीं होने का बहाना करके इससे ज्यादा वसूल रहे हैं, लेकिन किसानों को इसकी रसीद नहीं दी जा रही है।
दस-दस, बीस-बीस रुपए का नोट लिए कतार में
गुरुवार सुबह दर्जनों किसान मुट्ठी में दस-दस, बीस-बीस रुपए का नोट लिए कतार में खड़े रहे। अधिकांश किसान छोटा हाथी, ट्रैक्टर-ट्रॉली में सायोबीन व मक्का लेकर पहुंचे। मंडी सचिव ने दावा किया कि खेतिया मंडी में इस शुल्क को बंद करवा दिया है। यहां पर बैलगाड़ी से दो रुपए व वाहनों से पांच रुपए निर्धारित किया गया है। अवैध वूसली का पता लगाएंगे।