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fasal bima yojana: फसल बीमा योजना को लेकर बड़ी खबर, चक्रव्यूह में फंसे 9 लाख से अधिक किसान

fasal bima yojana: खंडवा में फसल बीमा योजना किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। 341 करोड़ प्रीमियम कटे, पर सिर्फ 141 करोड़ का क्लेम मिला। लाखों किसान अब भी इंतजार में हैं। (mp news)

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खंडवा

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Akash Dewani

Jul 02, 2025

fasal bima yojana become problem for farmers in mp news

fasal bima yojana become problem for farmers (फोटो सोर्स- ई-मंडी भाव वेबसाइट)

mp news: फसल बीमा योजना (fasal bima yojana) कई किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित नहीं हो रही है। बैंक और बीमा कंपनियों के मकड़‌जाल में किसान उलझे हुए हैं। खंडवा में बीते 6 साल में खरीफ और रबी के आठ सीजन में 11,40,003 किसानों ने बीमा कराया, जिसके लिए उनके खाते से 341 करोड़ रुपए प्रीमियम काट लिया गया। वहीं, अब तक सिर्फ 1 लाख 70 हजार 30 किसानों को ही क्लेम मिला है। इन्हें 141 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है।

राहत मिली, बीमा का लाभ नहीं

किसानों का कहना है कि डेढ़ साल पहले सोयाबीन की फसल खराब होने पर शासन ने 155 करोड़ रुपए से अधिक राहत राशि दिया है। लेकिन बीमा कंपनियों ने एक रुपए का भी क्लेम नहीं दिया है। कई बार जिला स्तर पर अधिकारियों से मिले। इसके बाद भी क्लेम नहीं मिला। किसान संगठन मुख्यमंत्री के नाम दो साल में 11 बार आवेदन भी दे चुके हैं। प्रभारी उप संचालक कृषि, नितेश कुमार यादव ने बताया कि मामला जानकारी में आया है। इस संबंध में बीमा कंपनी और किसानों से चर्चा कर समस्या दूर कराएंगे। (fasal bima yojana)

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बीमा पॉलिसी की नीति बदलनी चाहिए

फसल बीमा किसानों के साथ धोखा है। कंपनी को सरकार 30 त्न राशि देती है। शेष 20 त्न किसान भरता है। दो साल पहले सोयाबीन की फसल बबर्बाद हुई। सरकार ने 156 करोड़ रुपए राहत राशि दी। क्लेम 200 करोड़ होता है। कंपनी ने सिर्फ एक करोड़ दिए। पॉलिसी नीति बदली चाहिए। जैसे व्यक्ति, वाहनों का बीमा होता। उसी प्रकार प्रति खेत का बीमा होना चाहिए। सुभाष पटेल, जिला महामंत्री, भारतीय किसान संघ (fasal bima yojana)

प्रक्रिया समझ से बाहर, कोर्ट जाएंगे

वर्ष 2020 से लेकर अब तक किसानों को क्लेम नहीं मिला। कुछ को छोड़े तो ज्यादातर को नहीं मिला कंपनी, कृषि विभाग से सर्वे लिस्ट तक नहीं मिली। क्लेम के लिए अब हाईकोर्ट जाएंगे। पहले रेंडम प्लाट पद्धति से क्लेम तय होता था। अब मालूम ही नहीं होता कैसे तय करते हैं।-म नरेंद्र पटेल, जिला अध्यक्ष, संयुक्त कृषक संघ (fasal bima yojana)

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दो साल बाद पैसे वापस किए, लाभ नहीं दिया

सरकार जो अंश बीमा कंपनी को देती है। वह सीधे किसानों के खाते में दे। बैंकों से बीमित फसलों की रसीद मिलनी चाहिए। अहमदपुर खैगांव में बैंक ने 10-15 गांवों के किसानों के खाते से प्रीमियम काट लिया। दो साल बाद पैसे वापस कर दिए।किसानों को लाभ नहीं मिला।- त्रिलोक चंद्र पटेल, जिला अध्यक्ष, राष्ट्रीय मजदूर किसान संघ (fasal bima yojana)

फसल बीमा का क्लेम नहीं मिला

20 एकड़ फसल का बीमा करवाया था। करीब 6500 रुपए का फसल बीमा कराया था। निजी स्तर पर 2023 खरीफ सीजन की फसल बीमा हुआ था। सोयाबीन फसल खराब हुई। राहत राशि मिली। फसल बीमा का क्लेम आज तक नहीं मिला।- रघुवीर सिंह रोहणी, किसान, जावर (fasal bima yojana)