
कोयले से भरी मालगाड़ी के वेगन में आग (Photo Source- Patrika)
Major Accident Avert :मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के अंतर्गत आने वाले ओंकारेश्वर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित निमाड़खेड़ी रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को रेलवे का बड़ा हादसा होते होते टल गया। दरअसल, यहां झारखंड के गिरीडीह से एनटीपीसी बेड़िया सेल्दा सुपर पावर प्लांट जा रही कोयला लदी मालगाड़ी की वेगन क्रमांक 250703-60670 से अचानक धुआं उठने लगा, जिसने हवा के संपर्क में आकर चंद मिनटों में आग का रूप धारण कर लिया।
बताया जा रहा है कि, बोगी से धुआं उठता देख सबसे पहले स्टेशन मास्टर ने देखा। उन्होंने तुरंत ही स्थिति पर नियंत्रित करने के लिए उचित कदम उठाए। स्टेशन मास्टर ने ट्रेन को प्लेटफॉर्म पर न रुकवाते हुए 1 किलोमीटर आगे आउटर पर रुकवाया, जहां रेल और सड़क मार्ग की दूरी मात्र 50 फीट थी। दूसरी ओर तत्काल ही फायर अमले को घटना की जानकारी दी।
ट्रेन के सही स्थान पर रोके जाने से फायर ब्रिगेड के वाहनों को घटनास्थल तक पहंचना तो आसान हुआ ही, किसी अप्रीय स्थिति में बड़े नुकसान से भी बचा जा सकता था। सही स्थान होने के चलते फायर टीम को पहुंचने में भी आसानी हुई। सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी, आरपीएफ जवान और टीआरडी टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ट्रैक की विद्युत आपूर्ति तुरंत बंद कर दी गई। इसके बाद सनावद, बड़वाह और पुनासा से बुलाए गए 3 दमकल वाहनों ने हाई-प्रेशर वाटर कैनन की मदद से धधकते कोयले को ठंडा करने का अभियान शुरू किया।
घने कोयले के भीतर लगी आग को बुझाने में लगभग 3 घंटे का समय लगा। इस दौरान तीनों फायर ब्रिगेड वाहनों का पानी इस्तेमाल किया गया। लगातार प्रयासों के बाद वेगन से निकल रहा धुआं पूरी तरह बंद हुआ। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन मास्टर की त्वरित सूझबूझ और सतर्कता के कारण एक बड़ा रेल हादसा टला है। साथ ही, कोयला की पूरी रैक सुरक्षित आगे भेजने में भी सफलता मिली। मौके पर मौजूद टीमों ने राहत की सांस ली कि, आग समय रहते नियंत्रित कर लिया गया, वरना घटना जितनी तेजी से विक्राल रूप धारण कर रही थी, गंभीर रूप ले सकती थी। घटना रेलवे सुरक्षा प्रबंधन की तत्परता और टीमवर्क का उदाहरण पेश करती है।
Updated on:
22 Nov 2025 12:11 pm
Published on:
22 Nov 2025 12:11 pm
