
खंडवा. खारकलां में दूसरी बार बोवनी की तैयारी करते किसान।
बारिश की खेंच से खेतों का पानी सूख गया है, लेकिन किसानों की आंखों से बह रहा है। करीब 12 दिन से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर अब चिंता की लकीरें दिखने लगी है। बारिश नहीं होने से सोयाबीन, कपास, मक्का की फसल पर खतरा मंडरा रहा है। सबसे बूरे हालात खालवा क्षेत्र में है, जहां पहले कम बारिश, फिर अतिवृष्टि से सोयाबीन नष्ट होने के बाद किसानों को तीसरी बार बोवनी करना पड़ रही है।
जिले में खरीफ की बोवनी का रकबा करीब 3.32 लाख हेक्टेयर है। इसमें सबसे ज्यादा 1.95 लाख हेक्टेयर सोयाबीन, 65 हजार मक्का और 49 हजार कपास सहित अन्य फसलें शामिल है। जिले में मानसून पहले ही देरी से आया है और जून माह के अंत व जुलाई के पहले सप्ताह अच्छी बारिश हुई है। इस दौरान जिले में 279.4 मिमी बारिश हो चुकी है, जिसके बाद अब तक एक बूंद भी बारिश नहीं हुई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 20 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिससे बारिश की संभावना है। इधर बारिश नहीं होने से तापमान भी बढ़ता जा रहा है।
कालापाठ के किसान नंदकिशोर उर्फ नरेंद्र लोवंशी ने बताया कि उन्होंने 16 एकड़ में सोयाबीन, 16 में मक्का बोई थी। पहले कम बारिश की वजह से फसल उगी नहीं, दूसरी बार ज्यादा बारिश ने सोयाबीन बिजाई फोड़ दी। तीसरी बार बारिश नहीं होने से फसल नष्ट हो गई। अब चौथी बार बुआई करने की नौबत आ गई है। सोयाबीन की बिजाई महंगी होने से अब मूंग, उड़द बोना पड़ेगी। कालापाठ के ही सुनील लोवंशी की भी 15 एकड़ की सोयाबीन खराब हो गई। दूसरी बार बोवनी की है, लेकिन बारिश नहीं होने से फसल पर खतरा मंडरा रहा है।
भारतीय किसान संघ तहसील अध्यक्ष, खालवा के किसान राकेश सिंह चौहान ने बताया कि 4.5 एकड़ में सोयाबीन की बोवनी की थी। जीवन में पहली बार ऐसा हुआ है कि सोयाबीन में अंकुरण के बाद अति बारिश के चलते अंकुरण के बाद सोयाबीन नष्ट हो गई। दूसरी बार बोवनी करने की हिम्मत नहीं हो रही है, बारिश होने के बाद मक्का की बुआई करेंगे। पूरे खालवा क्षेत्र में ऐसे हालात है। कालापाठ, कोठा, लखोरा सहित आसपास के गांवों में किसान दो-दो बार बोवनी कर चुके हैं।
खालवा के पास खारकलां में भी कुछ ऐसे ही हालात है। यहां अमृत यादव ने 9 एकड़ में सोयाबीन बोई थी, लेकिन तेज बारिश ने बीज बहा दिए। दूसरी बार बोवनी की नौबत आ गई है। दिलीप पालीवाल के यहां भी 8 एकड़ की सोयाबीन खराब हो गई, उन्हें भी अब दूसरी बार बोवनी क लिए बारिश का इंतजार है। राकेश मालवीय ने बताया कि उनकी 12 एकड़ में सोयाबीन खराब हो गई। दूसरी बार बोवनी की तो सूखे से हालात बन गए है, पक्षी खेतों में बीज निकालकर खा रहे हैं। अब तीसरी बार बुआई करने की नौबत आ गई है।
मैं खुद फिल्ड में घूम रहा हूं, अभी जमीन में नमी होने से फसलों की स्थिति ठीक है। बारिश की लंबी खेंच से जरूर चूसक कीट का प्रकोप हो सकता है, लेकिन मौसम विभाग की भविष्यवाणी है कि 20 जुलाई तक अच्छी बारिश होगी, जिससे फसलों को नुकसान नहीं होगा।
नीतेश यादव, उप संचालक कृषि
Updated on:
19 Jul 2026 12:00 pm
Published on:
19 Jul 2026 12:00 pm
