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सार्वजनिक हुई आय.. ममलेश्वर, ओंकारेश्वर मंदिर के दानपात्रों से निकली 27 लाख से अधिक की दान राशि

-ममलेश्वर मंदिर में 15 दिन की आय 6.71 लाख रुपए, ओंकारेश्वर में सात दिन में 20.86 लाख रुपए -पहली बार ममलेश्वर मंदिर दान की राशि को प्रशासन ने किया सार्वजनिक
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खंडवा

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Manish Arora

Jul 19, 2026

Omkareshwar

ओंकारेश्वर. मंदिर में हुई दान दाशि की गिनती।

अयोध्या राम मंदिर दान चोरी के बाद अब खंडवा के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिरों में भी प्रशासन पारदर्शिता बरत रहा है। ओंकारेश्वर मंदिर की सप्ताह में दो बार होने वाली आय सार्वजनिक की जा रही है। वहीं पहली बार ममलेश्वर मंदिर की आय भी सार्वजनिक हुई है। ममलेश्वर और ओंकारेश्वर मंदिरों के दानपात्रों से कुल 27 लाख 58 हजार 165 रुपए की दान राशि प्राप्त हुई है।

तहसीलदार, कोषालय अधिकारी की निगरानी

प्रशासन ने पहली बार ममलेश्वर मंदिर के दानपात्रों की सार्वजनिक गिनती कराई। मंदिर में 2 जुलाई से 16 जुलाई तक अवधि में आए दान की गिनती की गई। जिसमें ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के कुल 5 दानपात्रों से 6 लाख 71 हजार 865 रुपए की राशि निकली। पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा ने बताया कि राशि की गणना तहसीलदार और जिला कोषालय अधिकारी के प्रतिनिधि की उपस्थिति में मंदिर कर्मचारी एवं बैंक कर्मचारियों द्वारा की गई।

दान राशि बैंक में जमा कराई गई

दान राशि बैंक में जमा कराई गई।
इसी तरह, ओंकारेश्वर मंदिर न्यास के सात दानपात्र शुक्रवार को खोले गए। इनकी गणना तहसीलदार, पटवारी और मंदिर के सहायक कार्यपालन अधिकारी की उपस्थिति में मंदिर एवं बैंक कर्मचारियों द्वारा की गई। इसमें कुल 20 लाख 86 हजार 300 रुपए की दान राशि प्राप्त हुई। उल्लेखनीय है कि ओंकारेश्वर मंदिर में प्रति सप्ताह मंगलवार और शुक्रवार को दान राशि की गणना की जा रही है। दान की सारी राशि मंदिर के बैंक खाते में जमा कराई गई है।

दान राशि का श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उपयोग

एसडीएम पंकज वर्मा ने बताया मंदिर समिति द्वारा प्राप्त राशि का उपयोग मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए किया जा रहा है। वर्तमान में राशि गणना के लिए टीन शेड, मंदिर परिसर में रखी गई मूर्तियों को व्यवस्थित करने टीन शेड, स्टील रेलिंग कार्य, सीसीटीवी कैमरा, शौचालय और सुविधाघर का निर्माण तथा मंदिर परिसर में कार्यरत कर्मचारियों का वेतन एवं अन्य आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। आगामी सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से गठित ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति और ओंकारेश्वर मंदिर न्यास द्वारा उपयोग की जाएगी।