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गणेश महोत्सव : मिट्टी के गणेश जी की कार्यशाला में 5000 से अधिक छात्र सीखा चुके मूर्ति बनाना

पर्यावरण संरक्षण और सनातन संस्कृति को समर्पित एक अनूठी पहल ने भावी पीढ़ी को नई दिशा दे रही है। पिछले 9 वर्षों से बच्चों के हाथों में ऐसा हुनर दिया कि भविष्य में सनातन संस्कृति और पर्यावरण संरक्षित को बढ़ावा मिलेगा।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Aug 26, 2025

Ganesh Mahotsav

खंडवा में मिट्टी के गणेश जी की मूर्ति का निर्माण करते बच्चे

पर्यावरण संरक्षण और सनातन संस्कृति को समर्पित एक अनूठी पहल ने भावी पीढ़ी को नई दिशा दे रही है। पिछले 9 वर्षों से बच्चों के हाथों में ऐसा हुनर दिया कि भविष्य में सनातन संस्कृति और पर्यावरण संरक्षित को बढ़ावा मिलेगा। पर्यावरण, सनातन संस्कृति को समर्पित जौहरी का हुनर, नौ साल में ढाई हजार मूर्तियां की भेंट है ।

पर्यावरण संरक्षित को मिलेगा बढ़ावा

पर्यावरण संरक्षण और सनातन संस्कृति को समर्पित एक अनूठी पहल ने भावी पीढ़ी को नई दिशा दे रही है। पिछले 9 वर्षों से बच्चों के हाथों में ऐसा हुनर दिया कि भविष्य में सनातन संस्कृति और पर्यावरण संरक्षित को बढ़ावा मिलेगा। हम बात कर रहे हैं धर्मेंद्र जौहरी की। जौहरी मुफ्त की कार्यशाला में बच्चों को मिट्टी से गणेश जी की मूर्तियां बनाना सिखा रहे हैं।

पर्यावरण के प्रति भावी पीढ़ी को जागरूक कर रहे जौहरी

सराफा कारोबारी जौहरी ने इस वर्ष भी सैकड़ों बच्चों और युवाओं ने इस कला को सीखा और अब उनके द्वारा निर्मित प्रतिमाएं वितरण के लिए तैयार हैं। जिले की यह कार्यशाला न केवल कला का प्रशिक्षण देती है, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी फैलाती है।

5000 छात्रों ने सीखा मिट्टी की प्रतिमा बनाना

प्रशिक्षक जौहरी ने बताया कि इस वर्ष 15 दिन की कार्यशाला में लगभग 300 बच्चों को प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही खिरकिया, हरसूद, सिंगोट और जसवाड़ी सहित 15 स्थानों के स्कूल-कॉलेजों में जाकर करीब 5000 छात्र-छात्राओं को मिट्टी की प्रतिमा बनाना सिखाया गया। प्रशिक्षक धमेंद्र जौहरी करते हैं कि वर्ष 2016 से यह सिलसिला शुरू हुआ। हर साल बढ़ता जा रहा है। इसकी शुरुआत दो बच्चियों की जिद से हुई। आस्था ऐसी है कि गणेश जी की मूर्ति बनाने से पहले साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखा जाता है।

मूर्तियों में रंग-रोगन कर रहे युवा कलाकार

कार्यशाला में बच्चों प्रशिक्षण देने के बाद मूर्तियों में रंग रोगन का कार्य अंतिम चरण में है। इसमें आरती, चांदनी जौहरी, आस्था सोनी, तनुजा शाह, स्वेता गोयल, राशि सोनी, परख सोनी और अयांश बजाज जैसे युवा कलाकार मूर्ति का रंग रोगन कर रहे हैं। जेसीआई अध्यक्ष सुजाता मोरे ने बताया कि यह अभियान खंडवा में अत्यंत सफल रहा है।

हमारी आस्था अक्षुण्ण बनी रहे

प्रशिक्षक धर्मेंद्र चौधरी कहते हैं कि घर-घर मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमा स्थापित हो। माटी-माटी में मिलकर पर्यावरण शुद्ध रहे और हमारी आस्था अक्षुण्ण बनी रहे। उनके द्वारा नेत्रहीनों को प्रतिमा बनाना सिखाना, कोरोना काल में 151 प्रतिमाएं नि:शुल्क भेंट करना और इंग्लैंड तक मिट्टी की प्रतिमा पहुंचाना, इस अभियान की सफलता और प्रभाव को दर्शाता है।