गायत्री शक्तीपीठ सूरजकुंड में गुरुवार को गायत्री जयंती व गंगा दशहरा पर्व हर्षोउल्लास से मनाया गया। इस दौरान 9 कुंडिय गायत्री यज्ञ व संस्कार कराए गए। दो दिवसीय कार्यक्रम का संचालन देवालय प्रभारी महिला प्रमुख रश्मि नारायण सोनी द्वारा किया गया। महिला सशक्तिकरण की यहां मिसाल पेश की गई। कर्मकांड से लेकर यज्ञशाला तक महिलाओं ने संभाली।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए किया यज्ञ
इस अवसर पर देवालय प्रभारी रश्मि सोनी ने कहा विश्व पर्यावरण दिवस व गायत्री जयंती व गंगा दशहरा का पर्व पूरे विश्व मे मनाया जा रहा है। वातावरण का परिशोधन हो इसलिए गायत्री की साधना करना जरूरी है व एक पेड़ प्रत्येक व्यक्ति को लगाना चाहिए व बच्चों को भी यह संस्कार दें। गायत्री परिवार के अजय लाड़ ने बताया कि भारत के सिंदूर ऑपरेशन की सफलता के लिए सभी परिजनों ने नव कुंडिय महायज्ञ में विश्व के कल्याण की कामना करते हुए आहुतियां समर्पित की और महिला सशक्त बने यह बात कही।
महिलाओं ने किया संचालन
शक्तीपीठ पर उसका उदाहरण देते हुए यज्ञशाला से लेकर कर्मकांड तक महिलाओं ने ही दायित्व सम्भाला। अखिल विश्व गायत्री परिवार के ट्रस्टी आनंदीलाल सोनी ने बताया कि महिलाओं ने संचालन व सुंदर संगीत की प्रस्तुति दी। रश्मि सोनी, योगेश्वरी पटेल ब्रह्मवादिनी बहनों द्वारा कार्यक्रम संपन्न हुआ। साधना सोनी, उर्मिला पांचाल, रुपाली पटेल, रेशम सामेडिया, मेघा लाड़, ज्योति लाड़,, शानू दुबे, निर्मला पटेल, उमा, रेशम लाड़ इंदौर, उमा सौलंकी, अरुणा शर्मा, गायत्री मालवीय, गायत्री यादव, शकुंतला पवार आदि बहनें उपस्थित रहीं।