
खंडवा : हरदा हादसे के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में गैस एजेंसी संचालकों के साथ मंथन करते अधिकारी
जिला प्रशासन ने विस्फोटक पदार्थ की सुरक्षा को लेकर हादसे से सबक लिया है। कलेक्ट्रेट में सुरक्षा मानकों का पालन कराने और सिलेंडरों के अवैध विक्रय पर रोक लगाने एजेंसी संचालकों को नई गाइड लाइन बताई है। संचालकों की संयुक्त बैठक बुलाई। अधिकारियों ने संचालकों से दो टूक में कहा कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। अवैध विक्रय से लेकर सुरक्षा पर कठोर कार्रवाई होगी। अपर कलेक्टर ने कहा कि घनी आबादी में संचालित हो रहीं एजेंसियां एजेंसियों बाहर की जाएंगी। बैठक के दौरान अपर कलेक्टर को जानकारी दी गई कि इंदौर रोड पर प्रियदर्शनी गैस एजेंसी समेत अनुपम और ज्योति गैस एजेंसी घनी आबादी के बीच हैं। तीनों एजेंसियां पहले बाहर बनाई गईं थी। अब आस-पास मकान बन गए हैं। इस लिए घनी आबादी से बाहर करने के निर्देश दिए गए हैं।
ताकि बाजार में अवैध सिलेंडरों पर जवाबदेही तय हो सके
अपर कलेक्टर ने बैठक में आयल कंपनी और आपूर्ति अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों से जानकारी ली। उन्होंने कहा है कि गैस बुकिंग के दौरान एजेंसी संचालक सिलेंडरों पर लिखे नंबर उपभोक्ताओं के पासबुक में दर्ज करेंगे। हॉकर एजेंसी से सिलेंडर का उठाव करते समय नंबर स्वयं रजिस्टर पर दर्ज करें और डिलेवर के समय उपभोक्ता के पासबुक पर नंबर दर्ज करें। वापस के समय उसी नंबर के सिलेंडर का मिलान करें। जांच के दौरान बाजार में अवैध सिलेंडरों पर जवाबदेही तय हो सके। बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी एके तिवारी ने संचालकों से कहा कि बाजार में रेस्टोरेंट, होटल आदि जगहों पर पकड़ी जा रहीं टंकियां किसकी हैं। जवाबदेही तय करने के लिए सिलेंडरों की पहचान की जा सके। इस लिए यह व्यवस्था शुरू की जा रही है। उपभोक्ता के लिए जारी सिलेंडर नंबर यदि बाजार में मिले तो हॉकर और संबंधित उपभोक्ता से पूछताछ होगी। ताकि जवाबदेही की जा सके। उपभोक्ता स्तर पर कमी मिलने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई होगी। इस दौरान सभी एजेंसी संचालक रहे।
शादी विवाह में ‘लाल ’ पर रोक, ‘ नीले ’ पर देना होगा बिल
शादी विवाह में अब लाल सिलेंडर यानी घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक लगाते हुए कार्रवाई को कहा है। एजेंसी संचालकों ने बताया कि जिला प्रशासन ने कहा है कि शादी विवाह या समारोह आदि में घरेलू सिलेंडर नहीं दिए जाएंगे। इसकी जगह नीले रंग के 19 किलो वाले कामर्शियल सिलेंडर दिए जाएंगे। साथ में उसके बिल भी दें। दुकानों पर लाल सिलेंडर मिले तो कार्रवाई होगी। संचालकों को शासन की ओर से फार्मेट दिया है। फार्मेट का हर 15 दिन पर आपूर्ति अधिकारी जांच करेंगे।
Published on:
09 Feb 2024 11:04 am
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