
Grocery merchant had killed the fruit trader by giving betel nut
खंडवा. मांधाता इलाके के एक किराना व्यापारी ने अवैध संबंधों के शक में फल कारोबारी को मारने की सुपारी दे डाली। शर्त थी कि हत्या को हादसा साबित करना है। लेकिन जब पुलिस ने बारीकी से जांच शुरू की तो इस बड़ी वारदात की परतें खुलती गईं। एसपी विवेक सिंह ने बताया कि इस अपराध में एक नाबालिग समेत पांच आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं।
सड़क किनारे मिला था शव
मांधाता थाना पुलिस को 30 अप्रैल की रात खबर मिली थी कि ग्राम थापना में नजर निहाला आश्रम गेट के पास ओंकारेश्वर मोरटक्का रोड पर एक युवक का शव पड़ा है। प्रथम दृष्टया पुलिस को लगा कि एक्सीडेंट में मृत्यु हुई है। ऐसे में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध एक्सीडेंट का केस दर्ज किया गया। मृतक की पहचान नहीं हो पाने से सोशल मीडिया के जरिए उसके परिजनों को तलाशने के प्रयास किए गए।
पहचान के बाद खुला राज
कुछ दिन बाद जब मृतक की पहचान महेन्द्र पिता श्रीराम वर्मा (32) निवासी पिपल्या बुजुर्ग थाना करही जिला खरगोन के रूप में हुई। जांच में यह बात सामने आई कि अवैध संबंधों को लेकर शिखर जैन निवासी करही से महेन्द्र का विवाद था। इसके बाद पता चला कि महेन्द्र 29 अप्रैल की शाम ग्राम पिपल्या बुजुर्ग की शराब दुकान पर दो लोगों के साथ आते जाते दिखा है।
सीसीटीवी से मिले आरोपी
ग्राम पिपल्या और बडवाह के टोल से मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मृतक के साथ दिखे दोनों अज्ञात लडकों की तलाश की गई। जिसमें एक शिवम उर्फ विष्णु चौरसिया निवासी रायबरेली उप्र हाल बडवाह का होना पाया गया। शिवम से पूछताछ करने बात सामने आ गई कि शिखर जैन के कहने पर युसुफ इकबाल और एक नाबालिग के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी।
यह हैं आरोपी
एसपी का कहना है कि आरोपी शिवम ने करीब पौने चार लाख रुपए बतौर सुपारी शिखर जैन से लिए थे। इस मामले में आरोपी शिवम उर्फ विष्णु चौरसिया पिता सूर्यकुमार चौरसिया (24) निवासी ग्राम डिगोरा सौमऊ थाना हरचंदपुर जिला रायबरेली उप्र हाल जयमलपुरा बडवाह जिला खरगोन, युसुफ पिता करीम खान (25) निवासी जयमलपुरा बडवाह, इकबाल पिता हनीफ खान (31) निवासी जयमलपुरा, शिखर पिता मोहनलाल जैन (48) निवासी पिपल्या बुजुर्ग थाना करही जिला खरगोन समेत एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है।
इस तरह की वारदात
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि महेन्द्र के महिला से अवैध संबंध थे। आरोपी शिखर जैन इससे नाराज था। उसने शिवम चौरसीया को 3 लाख 70 हजार रुपए में महेन्द्र वर्मा की हत्या की सुपारी दी थी। जिसमें 70 हजार रुपए एडवांस दिया था। इस काम के लिए शिवम ने अपने साथी युसूफ, इकबाल के साथ षडयंत्र कर महेन्द्र वर्मा की हत्या कर दी। योजना थी कि महेन्द्र को सुनसान स्थान में टेम्पो से एक्सीडेंट कर मार डाला जाए ताकि एक्सीडेंट लगे। योजना के तहत पहले युसुफ और इकबाल ने महेन्द्र से दोस्ती की और विश्वास में लेकर अपने साथ रखने लगे। आरोपियों ने घटना के 10-15 दिन पूर्व शराब पिलाकर महेन्द्र की टेम्पो से टक्कर मारकर हत्या का असफल प्रयास किया था। इसके बाद बडवाह बुलाकर शराब पार्टी कराई और उसके वापस पिपल्या जाने पर लोडिंग वाहन एवं मोपेड से पीछा कर टक्कर मारकर हत्या करने की योजना बना कर पीछा किया। मौका नहीं मिला तो रास्ते में शिवम और युसुफ ने मोपेड से पीछा कर महेन्द्र को सिर में डंडे से मारा था, जिससे वह गिर पड़ा था, लेकिन फिर बच गया। 29 अप्रैल को फिर सफेद मोपेड से शिवम और युसुफ ने पिपल्या बुजुर्ग जाकर पार्टी करने के बहाने महेन्द्र को बुलाया। खाना खिलाने के बहाने मोपेड पर बीच में बिठाकर कोदलाखेड़ी के आगे ले गए। योजना अनुसार बाल अपचारी लोडिंग वाहन से पीछा कर एक्सीडेंट करने वाला था लेकिन महेन्द्र फिर बच गया और गाड़ी माईल स्टोन से टकरा गई। फिर वहीं पर युसुफ ने एक लोहे के हथोड़े से महेन्द्र के सिर में मारा। बाल अपचारी और शिवम ने पत्थरों से महेन्द्र को मार कर चोट पहुंचाई। अचेत महेन्द्र को लोडिंग आटो में डालकर नहर के एक्वाडक्ट पुल के रास्ते में बेहोशी की हालत में उतारा और फिर गाड़ी सिर पर चढ़ाकर हत्या कर दी। इसके बाद 2 मई को शिखर ने सुपारी के तीन लाख रुपए आरोपियों को दिए थे।
इनकी रही सक्रिय भूमिका
अंधी हत्या के इस अपराध को उजागर करने में थाना प्रभारी मांधाता निरीक्षक बलराम सिंह राठौर, चौकी प्रभारी मोरटक्का राजेन्द्र राठौड, एसआइ लखनलाल मालवीय, एएसआइ मनोज खोडे, कमलेश नागराज, टीआर यादव, प्रकाश बडोले, फूलवती चिचे, कृपाराम परिहार, सरिता जाट, आरक्षक नितेश पाठक, संतोष पटेल, संजय परिहार, संतोष चौहान, धर्मेन्द्र गुर्जर, आकाश, राकेश अवासे, तरूण वर्मा एवं सायबर से जितेन्द्र राठौर, विक्रम वर्मा, सुनील, रामनरेश की सराहनीय भूमिका रही है।
Published on:
19 May 2022 12:15 pm
बड़ी खबरें
View Allखंडवा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
