
Health insurance plan
स्वास्थ्य बीमा कंपनियों व हॉस्पिटल्स के बीच खींतचान, कैशलेस इलाज सुविधा बंद होने से पाॅलिसीधारक को खुद करना होगा भुगतान, निजी हॉस्पिटल संचालक बोले, जिन कंपनियों का एप्रूवल मिलेगा उन पॉलिसीधारकों को मिलेगी कैशलेस सुविधाएं।
हेल्थ इंश्योंरेस पॉलिसी पर बेहतर स्वास्थ्य सेवा लेने वाले पॉलिसीधारकों को एक सितंबर से कैशलेस व्यवस्था को लेकर झटका लग सकता है। निजी हॉस्पिटल्स और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के बीच मेडी क्लेम और पुराने की दरों के कांटै्क्ट को लेकर खींचतान चल रही है। इसको लेकर बजाज अलायंज समेत कुछ अन्य स्वास्थ्य बीमा कंपनियां एक सितंबर से कैशलेस व्यवस्था बंद करने की तैयारी में हैं। ऐसी कंपनियों के हेल्थ पॉलिसीधारकों को कैशलेस की बजाए कैश देना होगा।इससे हेल्थ पॉलिसीधारक मरीजों को इलाज के दौरान कैश भुगतान में पेरशानी होगी।
पत्रिका ने आगामी एक सितंबर से बजाज अलायंज के हेल्थ पॉलिसी में कैशलेस सुविधा बंद करने की संभावित सूचना को लेकर खंडवा में कुछ निजी हॉस्पिटल संचालकों और मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों से चर्चा की। संचालकों और पदाधिकारियों ने बेबाक राय दी। निजी हॉस्पिटल के संचालकों ने कहा कि एक सितंबर से पॉलिसीधारकों के इलाज में कैशलेस बंद करने की सूचना नहीं है। यदि यह व्यवस्था बंद होती है तो मरीजों को परेशानी होगी। कैशलेस व्यवस्था में मरीजों को सहूलियत मिल रही है।
एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया ( एएचपीआई) के आह्वान के बाद मप्र के कुछ जिलों में निजी हॉस्पिलएसोएसिशन के पदाधिकारियों ने बैठक कर निर्णय लिया है कि वह भी पालिसी में त्रुटियों की वजह से उपचार नहीं करेंगे। खंडवा में अभी निजी हास्पिटल संचालक आदेश का इंतजार कर रहे हैं। एएचपीआई के आह्वान को लेकर निजी अस्पताल संचालकों में अभी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एक सितंबर के बाद एप्रूवल नहीं मिलने के बाद स्थिति साफ होगी।
हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीधारक के अस्पताल पहुंचने पर बगैर कैश जमा किए इलाज शुरू हो जाता है। अस्पताल संचालक संबंधित हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों से पॉलिसी के आधार पर एप्रूवल लेती हैं। टेंटेटिव खर्च के नमूने पर कंपनी एप्रूवल देती है। एप्रूवल मिलने पर कागजी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। कैशलेस सुविधा बंद होने पर इलाज शुरू करने पॉलिसीधारक मरीजों को खुद बिन चुकाना होगा। बाद में उन्हें बीमा कंपनी से रीइम्बर्समेंट ( पैसे की वापसी या बीमा क्लेम) लेना पड़ेगा।
डॉ जीएल हिंदुजा, निजी हास्पिटल संचालक : हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी एक सितंबर से कैशलेस बंद कर रहीं हैं। अभी हमें ऐसी सूचना नहीं है। हमारे पास गवर्मेंट व कुछ निजी कंपनियों का एप्रूवल है। जिन कंपनियों का एप्रूवल मिलेगा उनके हेल्थ पॉलिसीधारकों को कैशलेस सुविधाएं मिलेंगी। जिनका नहीं मिलेगा उनका बंद कर देंगे।
डॉ जितेंद्र एल पटेल : निजी हॉस्पिटल संचालक : बाजार में स्वास्थ्य बीमा कंपनियों 25-30 काम कर रही हैं। हमारे पास बजाज अलायंज का एप्रूवल है। पॉलिसीधारक मरीजों को कैशलेस की सुविधा है। एक सितंबर से बंद होगी। अभी ऐसी कोई सूचना नहीं आई है। एप्रूवल नहीं मिलने की स्थिति में उस स्थिति में सुविधाएं दी जाएंगी।
गोवर्धन गोलानी, अध्यक्ष, मेडिकल एसोसिएशन : हेल्थ पॉलिसीधारक को कैशलेस की सुविधाएं मिलनी चाहिए। इस सुविधा के बंद होने से दिक्कत होगी। किसी भी पॉलिसीधारक को अचानक इलाज की जरूरत पड़ी और वह अस्पताल पहुंच गया। ऐसे स्थिति में तत्काल पैसे कहां से लाएगा। हेल्थ पॉलिसी इस लिए लेता है कि तत्काल उसे अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिल जाएंगी।
Updated on:
28 Aug 2025 11:43 am
Published on:
28 Aug 2025 11:41 am
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