
Ias Kartikeya wants to work on poverty alleviation
खंडवा. सिविल सर्विस परीक्षा में 35वीं रैंक लाने वाले कार्तिकेय जायसवाल गरीबी उन्मूलन पर काम करना चाहते हैं।
खंडवा के होटल व्यवसायी अशीष जायसवाल के पुत्र कार्तिकेय की मां भी स्कूल में शिक्षक रह चुकी हैं और छोटी बहन भूमिका पढ़ाई कर रही है। खंडवा के सेंट पायस स्कूल से हाई स्कूल करने के बाद कार्तिकेय आंध्र प्रदेश के प्रशांति निलयम चले गए, जहां उन्होंने श्री सत्य साईं हायर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं की परीक्षा अच्छे नंबरों से पास की। स्नातक करने के लिए उन्होंने दिल्ली का सेंट स्टीफन कॉलेज चुना और बीएससी ऑनर्स मैथ मैटिक्स से पढ़ाई पूरी करने के बाद सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी में जुट गए। बकौल कार्तिकेय, कॉलेज में दाखिले के साथ ही मन बना लिया था कि पब्लिक सर्विस में ही जाना है। स्नातक करने के बाद खंडवा में आकर पढ़ाई करने लगे। टॉपर्स के वीडियो देखे और परीक्षा से संबंधित सामग्री ऑन लाइन जुटाई। कुछ टॉपिक्स की किताबें दिल्ली से मंगाईं और घर में ही रहकर पढ़ाई करते रहे।
28 मिनट का इंटरव्यू
कार्तिकेय बताते हैं कि उनका इंटरव्यू करीब 28 मिनट तक चला था। जिसमें एक सवाल आया कि ऐसा कौन का डेवलप देश है जहां लोकल डेवलपमेंट सिस्टम है, इसका जबाव नहीं दे पाए थे। बाकी जो सही लगा उसे अपने लहजे में बताया और पास हो गए।
बैचमेट भी पास हुए
सिविल परीक्षा पास करने वाले कार्तिकेय ने बताया कि उनके साथ पढ़ने वाले बैचमेट सक्षम गोयल की 27वीं रैंक और नमन सिंगला की 47वीं रैंक आई है। 2020 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाले कार्तिकेय अभी साढ़े 22 साल के हैं।
परिवार की मेहनत सफल हुई
इस सफलता का श्रेय कार्तिकेय अपने परिवार को देते हैं। उनका कहना है कि घर में रहकर पढ़ाई करना आसान नहीं होता। लेकिन घर में मां, पिता और बहन ने ऐसा माहौल दिया कि पूरे मन से पढ़ाई कर सके। बीमार होने पर सभी ने खयाल रखा और हमेशा हौसला बढ़ाते रहे।
Published on:
31 May 2022 12:27 pm
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