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अवैध कॉलोनियां होंगी वैध, नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू

निगम ने निकाली अधिसूचना, अब दावे-आपत्ति आएंगे, अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए गाइडलाइन के तहत का।

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खंडवा

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Amit Jaiswal

May 02, 2018

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खंडवा. शहर की अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में निगम ने कुल 335 खसरों की 60 से ज्यादा कॉलोनियों की सूची तैयार की है। अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।शासन से मिली गाइडलाइन के हिसाब से नगर निगम अब आगे की कार्रवाई करेगा। बता दें कि शासन द्वारा 31 दिसंबर 2016 तक अस्तित्व में आई अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण का निर्णय लिया गया है। निगम ने भी खुद के द्वारा कराए गए सर्वे के साथ ही जिला प्रशासन के राजस्व विभाग से भी जानकारी ले ली है। खसरों पर बनी जिन छोटी कॉलोनियों के ले-आउट नहीं हैं, वहां सर्वेक्षण पूरा होने के बाद उनके स्पष्ट ले-आउट प्लान, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के स्थानीय अधिकारियों के निर्देश में तैयार कराए जाएंगे। एक महीने में दावे-आपत्ति आएंगे।

इन कॉलोनियों को किया शामिल
शंकर नगर, कब्रिस्तान के पास, विशाल नगर के पास, फकीर मोहल्ला, जोशीनगर के सामने, कांकड रोड, रविंद्रनगर के पीछे, बड़ा अवार, मालीपुरा फैल के आगे, बापू नगर, जैन नगर, हबीब नगर, दुर्गानगर, गणेश तलाई, शादाब नगर, केशव धाम, मेहबूब नगर, मदीना नगर, अनवर नगर, कैलाश नगर, राव नगर, मोहम्मद नगर, पदमकुंड क्षेत्र, कपूर नगर, शंकर मंदिर , कृष्णधाम, नंदा नगर, शकील कॉलोनी, गुरमीत नगर, जैन कॉलोनी, श्रद्धा नगर, सांई नगर, विकास नगर, शेख नगर, देवी नगर, सांई नगर, हाजी कॉलोनी, गनी नगर, रहीम नगर, बेग नगर, गोकुल नगर, गायत्री नगर, कपूर नगर, भवानी नगर, सीताराम नगर, शारदा विहार, त्रिलोक नगर, चंद्र नगर, जैन नगर, शिवाजी नगर, औद्योगिक नगर के पास, पावरहाउस के पीछे, गोविंदनगर के पीछे, गुलमोहर कॉलोनी से नं-11, गुलशन नगर, जुम्मन नगर, अंकुर नगर, प्रेमनगर, शंकर मंदिर कॉलोनी, जुम्मन नगर, भंडारिया रोड को शामिल किया गया है।

फैक्ट फाइल
335 खसरों पर निर्मित
60 से ज्यादा कॉलोनी शामिल
30 दिन दावा-आपत्ति का समय

पहले चरण में ये होगा
निगम ने पूर्व के सर्वे के आधार पर अवैध कॉलोनी की संख्या तय कर ली है। इनमें एेसी अवैध कॉलोनियों को शामिल किया गया है, जहां कम से कम 10 फीसदी भवन हैं। इन कॉलोनियों की भूमि निजी स्वामित्व में है। नगर निगम के लिए आयुक्त व नगरपालिका-नगर परिषद के लिए कलेक्टर सक्षम प्राधिकारी हैं।

दूसरे चरण की ये प्रक्रिया
कॉलोनियां जहां निम्न आय वर्ग के 70 फीसदी (1000 वर्गफीट से कम क्षेत्रफल) से अधिक निवासरत हैं, वहां रहवासियों से 20 व निकाय द्वारा 80 फीसदी राशि का वहन किया जाएगा, जभा योजना की राशि, सांसद निधि, विधायक निधि, रहवासियों द्वारा जमा की गई राशि में रूप में मान्य होगी। जल, विद्युत तथा मल निकासी के कार्यों की लागत से रहवासियों पर अधिरोपित नहीं होगी।

- अधिसूचना कर दी है जारी
अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण के संबंध में प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में हमने 335 खसरों की 60 से ज्यादा कॉलोनियों को शामिल किया है। दावे-आपत्ति, लैंड यूज, एस्टीमेट व कॉलोनाइजर तथा लोगों से राशि जमा कराने का काम आगे होगा।
ईश्वरसिंह चंदेली, कार्यपालन यंत्री, ननि