
Ladoo offered in Jain temples on the day of salvation of Lord Munisuvratnath
खंडवा. जैन धर्म में जन्म से ज्यादा मोक्ष को महत्व दिया गया है। इसलिए जैन धर्मावलंबी चौबीसों तीर्थंकरों के मोक्षकल्याणक दिवस को उत्साह से मनाकर लाडू चढ़ाते है। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि फाल्गुन मास की द्वादशी के दिन हजारों वर्ष पूर्व झारखंड प्रांत में स्थित सम्मेदशिखर जी की पवित्र निर्जर कूट से तप और तपस्या करते हुए मुनिसुव्रतनाथ भगवान ने मोक्ष गति प्राप्त की थी।
मोक्षकल्याणक महोत्सव मनाया गया
नगर के सभी दिगंबर जैन मंदिरों में मुनिसुव्रतनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक दिवस पर भगवान का पूजन, अभिषेक व शांतिधारा के पश्चात श्रद्धालुओं द्वारा लाडू चढ़ाया गया। वहीं नवकार नगर स्थित मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में आचार्य श्रीधर्मभूषण सागर महाराज के सानिध्य में मुनिसुव्रतनाथ भगवान का मोक्षकल्याणक महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर मंडल विधान की पूजा श्रद्धालुओं द्वारा की गई। जिसमें बड़ी संख्या में पुरुष श्वेत और महिलाएं केसरिया साड़ी में उपस्थित हुई।
दौलतराम जैन परिवार को प्राप्त हुआ
कार्यक्रम में प्रथम कलश करने का अवसर महेंद्र बैनाड़ा, तुभ्यम पंकज छाबड़ा, दौलतराम जैन, भानुकुमार सेठी परिवार को प्राप्त हुआ। शांतिधारा का सौभाग्य तरुण अनिल लुहाडिय़ा, अध्यात्म प्रदीप जैन, विपुल राजेन्द्र छाबड़ा, सौधर्म इंद्र सुरेश जैन परिवार को मिला। साथ ही वर्ष में एक बार होने वाले मानस्तम्भ पर विराजमान प्रतिमाओं का अभिषेक करने का सौभाग्य सुभाष सुमित, सुलभ सेठी, पवन गदिया, दौलतराम जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
नवकार जैन महिला मंडल के सहयोग से हुआ
भगवान मुनिसुव्रतनाथ को लाडू समर्पित करने का पुण्य अवसर राजेश, राकेश, जितेश गंगवाल परिवार और अशोक, अजय, विशाल पाटनी परिवार को प्राप्त हुआ। पूजा विधान के सौभाग्यशाली परिवार सुरेश जैन परिवार के सहयोग से संपन्न हुआ। प्रसाद वितरण के पुण्यशाली नवकार जैन महिला मंडल के सहयोग से हुआ।
Published on:
27 Feb 2022 10:33 pm
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