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कब आएगा मेरा सांवरियां… खाटू श्याम बाबा…

खाटू श्याम बाबा की भजन संध्या में देर रात झूमें श्रद्धालु

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खंडवा

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Manish Arora

Dec 23, 2022

कब आएगा मेरा सांवरियां... खाटू श्याम बाबा...

खंडवा. खाटू श्याम भजन संध्या में प्रस्तुति देते भजन गायक संजय मित्तल।

खंडवा.
कब आएगा मेरा सांवरियां..., मैं हार जाउ ये हो नहीं सकता..., सजा दो घर को गुलशन सा, मेरे सरकार आए हैं..., हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा... जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। अवसर था श्याम वंदना भजन संध्या का। गुरुवार रात इंदौर रोड स्थित गुनिया प्रांगण में खाटू श्याम बाबा की भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन गायक संजय मित्तल कोलकाता ने खाटू श्याम के भजनों से सर्द रात को भी गर्म कर दिया।
साथ ही भजन गायक संदेश राही खरगोन, अमित पारीख मक्सी, अर्पिता ने भी बाबा के भजनों की प्रस्तुति दी। इसके पूर्व दोपहर 12 बजे बजरंग चौक स्थित हुकुम वर्मा के निवास से निशान यात्रा निकाली गई। यात्रा घंटाघर होते हुए इंदौर रोड से भजन संध्या स्थान पर पहुंची। निशान यात्रा में महिलाएं हाथों में खाटू श्याम के ध्वज लिए भजनों पर प्रस्तुति देते चल रहीं थीं। निशान यात्रा में वीर बर्बरीक सेना के कार्यकर्ता मौजूद रहे। भजन संध्या स्थल पर पंडितों के मंत्रोच्चार के साथ श्याम बाबा की स्थापना की गई। श्याम बाबा के दरबार में अखंड ज्योति प्रज्वलित की गई। रात 9 बजे से शुरू हुई भजन संया देर रात तक चलती रही। इस दौरान महादेवगढ़ संरक्षक अशोक पालीवाल भी शामिल हुए। भजन संध्या में बड़ी संख्या में खाटू श्याम बाबा के भक्त मौजूद रहे।
भागवत कथा से दूर होती हैं मन की व्यथा -पं. हेमन्त कश्यप
खंडवा.
भागवत कथा में आने से मन में जो भी व्यथा या संसय हैं, वे समाप्त होते है। भागवत जीवन जीने की राह देती हैं। भागवत जन्म सुधारती हैं, भागवत मृत्यु भी सुधार देती हैं। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को भागवत का आश्रय लेना चाहिए। यह बात नारायण नगर में श्री राधा कृष्ण भागवत समिति द्वारा आयोजित भागवत कथा में चौथे दिन पं. हेमंत कश्यप ने कही। समिति मीडिया प्रभारी सुनील जैन, नारायण बाहेती व रजनीश भावसार ने बताया कि गुरुवार को भागवत महापुराण का पूजन मुख्य यजमान ज्योति विजय पाराशर, सह यजमन सुधा संतोष भावसार द्वारा किया गया। पूजन पं. अमित दाधीच ने कराया। व्यास पीठ का पूजन रंजीत जांगिड़ और अमित धनवारिया ने किया। कथा में भजनों की प्रस्तुति पर भक्तजन झूम उठे। कथा समापन पर महाआरती व प्रसाद वितरण किया गया।