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‘भूत’ को देख डरीं लड़कियां, 23 हॉस्टल छोड़ चली गईं घर, गायत्री मंत्र का कर रहीं जाप

हॉस्टल छोड़कर घर जा रहीं लड़कियां, प्रिंसिपल ने कहा यह अंधविश्वास है

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खंडवा/ जिले के छैगांव माखन में एक आदिवासी कन्या छात्रावास में भूत-प्रेत के डर से इन दिनों छात्राएं परेशान हैं। छात्रावास में रहने वाली छात्राओं में इतना डर हैं की एक-एक कर 23 छात्राएं अपने अपने घर चली गईं। ये सिलसिला एक सप्ताह से जारी हैं लेकिन किसी को कानोंकान खबर तक नहीं हुई।

इसका खुलासा तब हुआ जब एक छात्रा की तबियत अचानक बिगड़ गई और वह असामान्य व्यवहार करने लगी। तब जाकर उसे चोरी छिपे खंडवा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दरअसल, गायत्री मंत्र का जाप करती ये छात्राएं खंडवा से लगभग 17 किलोमीटर दूर छैगांव के नवीन सीनियर कन्या छात्रावास में रहती हैं। ये इसलिए गायत्री मंत्र का जाप कर रही हैं क्योंकि इनके छात्रावास में किसी प्रेत आत्मा का साया है।

इन छात्राओं ने अपने छात्रावास में भी गायत्री मंत्र और भगवान की तस्वीर लगा रखी हैं। इतना ही नहीं सुविचार का पोस्टर भी लगा रखा है, जिसपर लिखा है कि जो जैसा सोचता है वो वैसा ही बन जाता है। लेकिन इनके चेहरे पर प्रेत आत्मा का खौफ साफ देखा जा सकता है। खौफ इतना की दिन में भी छात्रावास का परिसर सुनसान नजर आता है।

घर जा रहीं लड़कियां
डर कर अब इस छात्रावास में रहने वाली लगभग 23 छात्राएं अपने घर चली गई हैं। जो छात्राएं बची है, उन्हें भी हरदम डर सताता रहता है। अब बच्चियां डर से कुछ बोल भी नहीं पा रही है।

वार्डन ने कहा- डरीं हैं लड़कियां
हॉस्टल के वार्डन दीप्ती जगताप ने कहा कि छात्राएं डरी हुई हैं। हॉस्टल वार्डन ने 23 छात्राओं को घर भेज दिया। लेकिन न उनकी काउंसलिंग की, न उनके दिल से प्रेत आत्मा का डर निकाला। अगर छात्रावास में रहने वाली एक छात्रा तबियत ज्यादा ख़राब होने की खबर बाहर नहीं आती तो शायद प्रेत आत्मा के साए से डर के चलते पूरा हॉस्टल ही खाली हो जाता। हॉस्टल वॉर्डन ने पहले तो यह बताने से मना किया कि कितनी छात्राए हॉस्टल छोड़ कर चली गई हैं लेकिन बाद में जब उपस्थिति रजिस्टर देखा गया तो पता चला की हॉस्टल में रहने वाली लगभग 42 छात्रों में से एक दो नहीं पूरी 23 छात्राएं हॉस्टल छोड़ कर घर जा चुकी हैं।

प्रिंसिपल को पता नहीं
इधर स्कूल के प्रचार्य बी के मंडलोई को पता ही नहीं है कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के साथ क्या हो रहा है। उनका कहना है कि उन्हें हॉस्टल वार्डन ने नहीं बताया कि छात्राएं प्रेत-आत्मा के साए से डरी हुई है। उन्हें भी अब पता चला कि इतनी बड़ी संख्या में छात्राएं स्कूल नहीं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मुझे अभी जानकारी मिली है। हम छात्राओं से संपर्क कर उनकी काउंसलिंग कर उन्हें वापस हॉस्टल में लाएंगे। उन्हें समझाएंगे कि यह सिर्फ अंधविश्वास है। प्रेत आत्मा जैसी कोई चीज नहीं होती।