
लोकसभा चुनाव में वाहनों को लेकर करना पड़ सकती है मशक्कत
खंडवा. जिला पुलिस कर्ज में डूबती जा रही है। पुलिस पर 1.25 करोड़ रुपए का कर्ज हो चुका है। इसमें से आधे रुपए तो विधानसभा चुनाव में लगे वाहनाें का किराया है। करीब 60 लाख रुपए तो किराया देना है। इसके चलते अब अधिकारियों को ठेकेदार व वाहन मालिकों के तकाजे सुनने पड़ रहे हैं। बताया जाता है कि यही िस्थति रही तो आगामी लोकसभा चुनाव में वाहनों को किराए पर लगाने में मुश्किल होगी।
जिले के पुलिस विभाग का बजट गड़बड़ा गया है। अब यहां न तो काई नए काम हो पा रहे है और न ही चालू काम पूरे हो पा रहे हैं। बजट नहीं होने से काम प्रभावित हो गए हैं। दरअसल पुलिस विभाग की यह िस्थती पिछले कुछ महिनों से बनी हुई है। विधानसभा चुनाव में दर्जनों वाहन किराए पर लेकर लगाए गए थे। इनमें बस, ट्रक से लेकर चार पहिया वाहन है। इन वाहनों का किराया तक पुलिस नहीं दे पाई हैं। पुलिस पर करीब 60 लाख से अधिक किराया बकाया है। वाहन मालिक पुलिस लाइन व एसपी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। अब अधिकारियों के आश्वासन भी काम नहीं आ रहे हैं। लोकसभा चुनाव में बढ़ेगी मुश्किलेंआगामी समय में लोकसभा चुनाव हैं। पुलिस को बस, ट्रक व कार सहित अन्य लोडिंग वाहन किराए पर लेना होंगे। चुनाव से पहले ही अधिग्रहण की तैयारी शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार पुलिस को वाहनों के लिए परेशान होना पड़ सकता है। एक ट्रेवल्स संचालक का कहना है कि विधानसभा चुनाव के ही रुपए नहीं मिले हैं। ऐसे में कोई कैसे अपने वाहन दूसरी बार किराए पर दे सकता है। इन रुपयों के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा है।
वाहनों की रिपेयरिंग का बजट शून्यपुलिस के वाहन बेड़े में शामिल कई वाहन पुराने हो चुके हैं। इनकी मरम्मत में हर माह रुपए खर्च होते हैं लेकिन इस बार वाहनों की रिपेयरिंग का बजट ही शून्य कर दिया है। इससे अब पुलिस की परेशानी और अधिक बढ़ गई है। उधारी में वाहनों की मरम्मत करवाना पड़ रही है।
Published on:
16 Feb 2024 12:20 pm
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