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अयोध्या में रामलला मंदिर बनने जा रहा है, उसी तर्ज पर दादा दरबार का बने भव्य मंदिर

डॉ. रामविलास वेदांती ने कहा... चढ़ावे के लालच में कुछ लोग मंदिर का निर्माण नहीं होने देना चाहते हैं, बोले- मप्र सरकार को धूनीवाला दादा का अधिग्रहण करके बनाना चाहिए नया ट्रस्ट।

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खंडवा

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Amit Jaiswal

Dec 04, 2019

Khandwa's Dadaji mandir built on the lines of Ram mandir of Ayodhya

Khandwa's Dadaji mandir built on the lines of Ram mandir of Ayodhya

खंडवा. दादा दरबार में सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विश्व के लोग आते हैं, करोड़ों की संख्या में हर वर्ष यहां दर्शनार्थी आते हैं। जैसा अयोध्या में भव्य रामलला मंदिर बनने जा रहा है, उसी तर्ज पर दादा दरबार का भी भव्य मंदिर बनना चाहिए।

राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य, भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती महाराज ने ये बात मंगलवार को कही। दादाजी धाम मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे वेदांती महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति के अनुसार यहां भारतीय पुरातत्वविदों द्वारा इस प्रकार की व्यवस्था की जाए कि मंदिर हजारों वर्ष रहे। कांक्रीट का, छड़ों का, लोहा का जो मंदिर बनेगा वो स्थायी नहीं होगा, इसलिए मार्बल के पत्थरों का मंदिर बने, वो स्थायी होगा। उसकी विकृति कभी नहीं होगी। वेदांती महाराज मंगलवार सुबह यहां श्री धूनीवाले दादाजी मंदिर में दर्शन कर धूनीमाई में आहुतियां अर्पित की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की तरह यहां भी कुछ लोग दादाजी मंदिर निर्माण को विवादास्पद रखना चाहते हैं ताकि उनके स्वार्थ पूरे होते रहें। वेदांती महाराज के साथ राजेश डोंगरे, त्रिलोक यादव, रिटायर्ड मेजर आरके टंडन, मदन भाऊ, सुनील जैन सहित अन्य थे।

भक्तों की मंशा पूरी हो, संगमरमर का उपयोग करें
वेदांती महाराज ने कहा कि मैं जब भी इस मार्ग से गुजरता हूं, यहां दर्शन करता हूं। दादाजी मंदिर का निर्माण भक्तों की मंशानुसार हो, यहां जो 90 ट्रक रखा है, उसका उपयोग किया जाए। ऐसा लगता है कि चढ़ावा की लूट हो रही है। कुछ लोग चढ़ावा को व्यक्तिगत संपत्ति समझते हैं, उसके बल पर वो चाहते हैं कि यहां का मंदिर विवादित बना रहे, जैसे अयोध्या की राम मंदिर जन्मभूमि को विवादित बनाए रखा गया और इतने वर्षों बाद फैसला आया है। मुझे ऐसा लगता है कि वही स्थिति यहां भी है। यहां कुछ लोग चढ़ावे के लालच में मंदिर का निर्माण नहीं होने देना चाहते हैं।

ये भी बोले...
- मप्र सरकार को धूनीवाला दादा मंदिर का अधिग्रहण करके कमेटी बनाकर एक भव्यता का रूप देने के लिए नए ट्रस्ट का निर्माण करके भव्य मंदिर निर्माण की कार्ययोजना बनानी चाहिए।
- मैंने दिग्विजयसिंह से वार्ता की है, सीएम कमलनाथ से भी वार्ता हो रही है। निवेदन करूंगा कि नया ट्रस्ट बनाकर भव्यता का रूप देने के लिए चिह्नित किया जाए।

बंशी पहाड़पुर का पत्थर और राम मंदिर-दादाजी मंदिर की समानता
राजस्थान के बंशी पहाड़पुर के लाल पत्थर का उपयोग यहां दादाजी मंदिर निर्माण में हो रहा है तो वहीं अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर में भी लाल पत्थर का उपयोग होना है। यहां विवाद है। रामेश्वर दयाल उर्फ छोटे सरकार से जुड़े हिमांशु अग्रवाल इस साल अप्रैल में फाउंडेशन पर आपत्ति जताने के बाद से काम रूका हुआ है। सीएम कमलनाथ के साथ सभी पक्षों की बैठक प्रस्तावित है लेकिन ये 5 बार टल चुकी है। श्री धूनीवाला आश्रम पब्लिक ट्रस्ट द्वारा यहां पांच चरणों में काम की रूपरेखा बनाई गई है। 25 करोड़ रुपए की लागत से 15500 स्क्वेयर फीट में निर्माण प्रस्तावित है। पहले चरण में गेट नंबर-1 से गेट नंबर-2 के बीच निर्माण कार्य चल रहा था। सरिया व उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाकर आपत्ति लगाई गई है। बता दें कि 1992 से मंदिर निर्माण को लेकर मतभेद चल रहा है क्योंकि भक्त एकमत नहीं हैं।