ग्राम पंचायत बोरखेड़ा के सरपंच नंदलाल ने बताया कि कोरकू समाज आजिविका जंगल में होने वाले उत्पादन पर टिकी हुई है। समाज के लोग प्रकृति प्रेमी है। हमारा समाज जंगल में अतिक्रमण नहीं किया जा रहा है। बाहर से आकर लोगों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है। कार्रवाई के बाद अब गांव के लोगों को अतिक्रमणकारी धमका रहे हैं। अब तक जंगल जाने में भी डर लगने लगा है।
बाहर से आए लोगों द्वारा जंगल में अतिक्रमण किया जा रहा
बोरखेड़ा के बुजुर्ग गन्ना का कहना है कि बाहर से आकर लोग जंगल में अतिक्रमण किया है। प्रशासन ने भले ही कार्रवाई कर दी है लेकिन कोई थी अतिक्रमण कारी वहां से गया नहीं है वे जंगल में छुपे हुए हैं। राधेकिशोर का कहना है कि आमाखुजरी और भिलाइखेड़ा में भी अतिक्रमण कारी अभी मौजूद हैं। अतिक्रमण पुरी तरह से नहीं हटा हैं। बाहर से आए लोग जंगल में मौजूद हैं वे ओर भी लोगों को बुलाकर अतिक्रमण करवा रहे हैं। अब तो जंगल में जाने में भी डर लगता है। हम जंगल के किनारे बसे हैं। अतिक्रमण कारी जंगल में बसे हुए हैं। गांव के लोगों को जंगल में नहीं जा पा रहे हैं। कोई पुश चराने जाता भी है तो उस पर गोफन से हमला कर दे रहे हैं।