
Land is not available for the construction of new Amrit Sarovars
खंडवा. जिले की पंचायतों में नए अमृत सरोवरों के निर्माण के लिए जमीन नहीं मिल रही है। इसमें करीब बीस तालाबों के निर्माण में वन विभाग की अनुमति रोडा बनी है। कुछ पंचायतों में भूमि मिलने से कार्य योजना को हरी झंडी मिल गई है। पंचायतों में 87 करोड़ लीटर पानी संरक्षित करने के लिए भूमि तलाशने में अफसरों का पसीना छूट रहा है।
अमृत सरोवर योजना के प्रारंभिक चरण में 101 सरोवरों में से अभी तक पचास फीसदी के निर्माण पूर्ण हुए हैं। शेष फाइनल स्टेज पर हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 100 नए अमृत सरोवरों की कार्य योजना बनाई गई है। जनपद मुख्यालय भेजे प्रस्ताव में से 72 पंचायतों की कार्य योजना तय हो गई है। करीब पचास पंचायतों में भूमि नहीं मिल रही है। वन क्षेत्र की भूमि पर 20 अमृत सरोवर निर्माण के लिए अभी अनुमति नहीं मिली है। इसमें तीन जगहों पर अनुमति यह कहते हुए निरस्त कर दी गई निर्माण से जंगल क्षतिग्रस्त होगा। कई कारण बताकर निरस्त करने की कार्रवाई की गई है। इसी तरह अनुमति के लिए जिन वन क्षेत्र की पंचायतों को अनुमति नहीं मिली है। कागजी प्रक्रिया में लटकी हुई है।
अभी तक नहीं मिली यहां की अनुमति : बलड़ी ब्लॉक के सेमरूड पंचायत के पांचा तलाई में वन भूमि पर अमृत सरोवर प्रस्तावित है। अभी तक अनुमति नहीं मिली। इसी तरह पामाखेड़ी बीट-क्रमांक 304 व 304। छैगांव माखन में केसून बीट क्रमांक-27 और बीट क्रमांक-25। खंडवा के पलकना, पिपल्या, बिजौराभील, जावर, खालवा के गारबैडी, आड़ाखेड़ा, पंधाना में पांगरा समेत बीस से अधिक प्रस्तावित वन भूमि में अमृत सरोवरों को अनुमति नहीं मिली है।
इस वन क्षेत्र की अनुमति निरस्त
छैगांव माख ब्लाक के रोहनाई में बीट क्र.-12 में वन विभाग ने आवेदन निरस्त कर दिया है। इसी तरह चिचगोहना और हरसूद में सोनखेड़ी में अनुमति का आवेदन निरस्त कर दिया।
ब्लॉक नए अमृत वनपरिक्षेत्र सरोवर
बलड़ी 05 04
छैगांव मा 10 10
हरसूद 05 04
खंडवा 12 08
खालवा 15 08
पुनासा 12 09
पंधाना 13 07
कुल 72 50
नोट: आंकड़े जनपदों से जिपं कार्यालय को भेजी गई जानकारी से लिए गए रिपोर्ट
11 करोड़ से ज्यादा की कार्य योजना तैयार
पंचायतों की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव में अब तक 11 करोड़ रुपए से अधिक के नएअमृत सरोवरों की कार्य योजना तैयार की गई है। जनपदों से भेजी गई कार्य योजना में 72 अमृत सरोवरों में 87 लाख घनमीटर यानी 87 करोड़ लीटर पानी क्षमता के निर्माण होंगे। इसके निर्माण के लिए भूमि नहीं मिल रही है।
अमृत सरोवरों के निर्माण के लिए भूमि मिलेगी। वन क्षेत्र की भूमि पर अनुमति के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होता है। निर्माण कार्यों के प्रगति की समीक्षा करेंगे। अनुमति के लिए किए गए आवेदनों के प्रारूम का परीक्षण करेंगे। योजना के निर्माण के लिए विभाग से बात कर गाइड लाइन के तहत अनुमति भी ली जाएगी।
शैलेन्द्र सिंह सोलंकी,जिपं सीइओ
Published on:
17 Mar 2023 12:18 pm
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