16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मध्य प्रदेश : प्रदेश में 1.65 लाख अमीर गरीबों का डकार रहे राशन, आयकर विभाग की रिपोर्ट में खुलासा

प्रदेश में गरीबों की मुफ्त राशन योजना में बड़े पैमाने खामी सामने आई है। इ-केवायसी की जांच में सामने आया है कि पूरे प्रदेश में करीब 1.65 लाख आयकरदाता और खंडवा जिले में 1800 आयकर दाता भी राशन कार्डधारी बने हुए हैं।

2 min read
Google source verification

खंडवा

image

Rajesh Patel

Aug 20, 2025

ration wheat scam

खाद्य विभाग ने इ-केवायसी के दौरान गरीबों का हक मार रहे अमीरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पीडीएस सिस्टम में राशन वितरण व्यवस्था में बड़ी खामी सामने आई है। प्रदेशभर में राशन लेने वाले 12 हजार 640 आयकरदाताओं को नोटिस भी भेजे जा चुके हैं। नोटिस के बाद प्रदेशभर में अब तक दो हजार से अधिक ने गरीबी रेखा कार्ड सरेंडर करने का आवेदन दिया है।

खंडवा में 1800 आयकर दाता कार्डधारी बने

प्रदेश में गरीबों की मुफ्त राशन योजना में बड़े पैमाने खामी सामने आई है। इ-केवायसी की जांच में सामने आया है कि पूरे प्रदेश में करीब 1.65 लाख आयकरदाता और खंडवा जिले में 1800 आयकर दाता भी राशन कार्डधारी बने हुए हैं। ये लोग हर महीने सरकारी योजना का अनाज उठा रहे हैं, जबकि असली जरूरतमंद गरीब और मजदूर वर्ग के परिवारों तक राशन नहीं पहुंच पा रहा। सूत्रों के मुताबिक, जिले में ऐसे सैकड़ों परिवार हैं जिनके पास आय का साधन सीमित है। लेकिन उनका नाम सूची में नहीं है। वहीं आयकरदाता, जिनके पास पर्याप्त आय है, बावजूद सरकारी सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर गरीबों का हक मार रहे हैं।

खाद्य विभाग की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

प्रदेश में गरीबों का राशन आयकरदाता डकार रहे हैं। इसका खुलासा खाद्य विभाग की रिपोर्ट में हुआ है। ई-केवाईसी के दौरान खाद्य विभाग ने आयकर रिटर्न भरने वाले ऐसे एक लाख 65 हजार लाभार्थियों को चिह्नित किया है, जो हर माह पीडीएस का राशन ले रहे हैं। सबसे अधिक इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन जिले में आयकरदाता गरीबों का राशन डकार रहे हैं। अकेले खंडवा में 1,800 संदिग्ध चिह्नित किए गए हैं।

एक हजार को नोटिस, बीस ने किया सरेंडर

शासन के पास पहुंची रिपोर्ट के अनुसार खंडवा में राशन लेने वाले अब तक 1800 संदिग्ध चिह्नित किए गए हैं। अब तक एक हजार से अधिक को नोटिस जारी की जा चुकी है। 20 से अधिक ने गरीबी रेखा का कार्ड सरेंडर करने का आवेदन दिया है। कइयों ने तो बचाव में जिला आपूर्ति अधिकारी और एसडीएम कार्यालय में संपर्क शुरू कर दिया है।

उपज बेचने वाले हजारों किसान भी संदिग्ध

खाद्य विभाग के पोर्टल में आयकरदाताओं के साथ ही ऐसे किसानों के नाम चिह्नित किए गए हैं जो हर साल कृषि मंडी और समर्थन मूल्य पर गेहूं, धान और सोयाबीन विक्रय कर रहे हैं। चिह्नित कृषकों की लिस्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही जिला व ब्लाक स्तर पर जारी की जाएगी। सत्यापन के बाद पोर्टल से नाम विलोपित करने की तैयारी की है।

एसडीएम कार्यालय में करना होगा अपील

खाद्य विभाग ने संदिग्धों को नोटिस जारी कर रहा है। आयकरदाता नहीं है इसकी पात्रता के लिए एसडीएम कार्यालय में दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। एसडीएम जांच कर पुष्टि करेंगे कि आयकरदाता है या नहीं हैं। सत्यापन के बाद पीडीएस के पोर्टल से नाम बाहर हो जाएंगे।

फैक्ट फाइल
1,65,6,615 प्रदेश में चिन्हित आयकरदाता
12,640 आयकरदाताओं को नोटिस जारी की गई।

फैक्ट फाइल
आयकरदाता वाले टॉप-4 जिले
जिला आयकरदाता
इंदौर 25,847
भोपाल 10,402
ग्वालियर 9030
उज्जैन 5700
------------------------------------

सबसे कम संख्या वाले टॉप-4 जिले
डिंडोरी 716
उमरिया 671
अलिराजपुर 645
श्योरपुर 491
----------------------------

इनका कहना : कर्मवीर शर्मा, आयुक्त, खाद्य विभाग, मप्र शासन

विभाग स्तर पर पात्र परिवारों को लाभ देने की कार्रवाई शुरू की है। प्रारंभिक कार्रवाई में मृतक और राज्य से बाहर खाद्यान्न लेने वालों के नाम बाहर किए गए। अब आयकर विभाग से लिस्ट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। अपात्रों के नाम बाहर होने के बाद वास्तविक गरीबों को राशन का लाभ मिलेगा।