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पत्रिका ह्यूमन एंगल : एनआरसी में डॉक्टरों ने 10 माह की बच्ची को दिलाई कुपोषण से निजात, खिलखिला उठी मीनाक्षी

आदिवासी बहुल क्षेत्र में कुपोषण से जंग और जीवन मौत से लड़ रही मीनाक्षी डॉक्टर का इलाज मिलने से खिलखिला उठी। पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती के दौरान 15 दिन के भीतर स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वजन 5 किलो 800 ग्राम से बढ़कर 6 किलो 570 ग्राम हो गया।

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खंडवा

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Rajesh Patel

May 04, 2025

Nutrition Rehabilitation Centre (NRC)

पोषण पुनर्वास केंद्र ( एनआरसी ) में स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से स्वास्थ् हुई दस माह की मीनाक्षी

पोषण पुनर्वास केंद्र ( एनआरसी ) में मिली बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से 14 दिन में वजन 5 किलो 800 ग्राम से बढ़कर 6 किलो 570 ग्राम हो गया। एनआरसी में कम वजन के बच्चों को इलाज दिया जा रहा है। इस केंद्र पर हर रोज 10-15 बच्चों का फालोअप किया जा रहा है।

कुपोषण की जंग से जूझ रही थी मीनाक्षी

आदिवासी बहुल क्षेत्र में कुपोषण से जंग और जीवन मौत से लड़ रही मीनाक्षी डॉक्टर का इलाज मिलने से खिलखिला उठी। पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती के दौरान 15 दिन के भीतर स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वजन 5 किलो 800 ग्राम से बढ़कर 6 किलो 570 ग्राम हो गया। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से मीनाक्षी की सेहत में सुधार आने पर माता-पिता के चेहरी पर खुशी की लहर दौड़ गई।

उपचार से चौदह दिन में स्वस्थ हुई मीनाक्षी

खालवा के अंबाडा गांव निवासी 10 माह की मीनाक्षी कुपोषण की चपेट में आने से उल्टी दस्त शुरु हो गया। सूजन के कारण जीवन मौत से जूझ रही थी। पिता दिनेश ने एनआरसीखालवा में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक उपचार के जिला मुख्यालय के लिए रैफर कर दिया। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ हेमंत गर्ग ने मीनाक्षी को केंद्र में भर्ती कराया। 14 दिन तक उपचार के दौरान वजन में वृद्धि हुई। डॉ. गर्ग के अनुसार मीनाक्षी का भर्ती के समय वजन 5 किलो 800 ग्राम, एमयूएसी नाप 10.5 सेंटीमीटर था। और सूजन के अलावा गंभीर कुपोषित और उल्टी दस्त के कारण हालत नाजुक थी। पहले उल्टी दस्त को ठीक किया। प्रोटोकॉल के तहत उपचार दिया। वजन बढ़कर 6 किलो 570 ग्राम हुआ। एमयूएसी नाप 11 सेंटीमीटर हो गया। स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया।

15 दिन के अंतर में फालोअप के लिए बुलाया

पोषण पुनर्वास केंद्र की पोषक प्रशिक्षक शबनम खान, नर्सिंग ऑफिसर रीता पाटील और किरण अहिरवार ने मीनाक्षी की माता को पौष्टिक भोजन कराया। बच्चे को कब और कितना आहार देना है इसकी जानकारी दी। 15 दिवस के अंतराल से फॉलोअप करने के लिए बुलाया। माता-पिता ने बताया कि केंद्र लाने से पहले मीनाक्षी की हालत गंभीर थी। डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ के समय से इलाज और अच्छी देखभाल की वजह से बेटी स्वस्थ हो गई।