
Magazine Impact: Khatara buses carrying fitness
खंडवा. शहर से गांव तक दौड़ रीही खटारा और कंडम बसों की खबर प्रकाशित होने के बाद जब यातायात पुलिस जांच करने निकली तो दंग रह गई। टूटे शीशे, फूटी लाइट और उखड़ी बस बॉडी मिलने पर कागजात जांचे तो पता चला कि इन गाडि़यों को परिवहन विभाग से फिटनेस प्रमाण पत्र जारी है। लेकिन हकीकत में बसें अनफिट मिलीं। ऐसे में इन बसों पर चालानी कार्रवाई करते हुए बस मालिक और चालकों को हिदायत देकर कहा गया है कि वह बसों को फिट करा लें। ताकि यात्रियों की जान का जोखिम ना रहे।
एक नहीं कई बसें है अनफिट
पत्रिका की खबर को संज्ञान में लेकर यातायात डीएसपी संतोष कौल ने मातहत अमले को जांच के लिए भेजा था। यातयात विभाग से सूबेदार नितिन निगवाल अपनी टीम के साथ बसों को जांचने गए तो पता चला कि दर्जनों बसें ऐसी हैं जिनके फिटनेस प्रमाण पत्र लेकर बस मालिक नियमों से खिलवाड़ कर रहे हैं। यात्रियों की जान जोखिम में डालकर यहां कुछ बस संचालक बसों का संचालन कर रहे हैं।
परिवहन अमला कर देता है फिट
परिवहन विभाग के जिम्मेदार परमिट और फिटनेस देते समय यात्री बसों को बारीकी से नहीं जांचते हैं। इसी का नतीजा है कि बस में उड़ता पर्दा, फूटी लाइट और उखड़ी बॉडी किसी को नजर नहीं आती। बस एमपी 12 पी 0277 में पीछे का शीशा टूटा है और इसमें पर्दा लगाकर सवारी बैठाई जाती हैं। इसी तरह बस एमपी 37 पी 0119 में बैक लाइट की कंडम हो गई है। इन दो बसों के अलावा पुलिस जांच के दौरान बस एमपी 13 पी 0932 में बैक लाइट नहीं मिली। इसी तरह बस एमपी 12 पी 0818 में भी पीछे टूटे शीशे की जगह पर्दा लगा मिला।
हिदायत के बाद बनेगा कोर्ट चालान
यातायात डीएसपी संतोष कौल ने बताया कि अभी जो बसें जांच में मिली उनके चालान बनाए गए हैं। बस मालिक और चालकों को हिदायत दी है कि वह जल्द ही सुधार कर लें। अगर दोबारा जांच में यही हाल मिला तो बस का कोर्ट चालान बना दिया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद भी परिवहन अमला चुप्पी साधे बैठा है।

Published on:
27 Apr 2022 11:27 am
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