
CRIME
खंडवा. शहर में एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी का दफ्तर खुला और उसने लोगों को रोजगार देने के लिए बुलाया। इन्हीं लोगों से अपना कारोबार बढ़ाया और फिर एक दिन कर्मचारियों का वेतन अटका कर कंपनी के अफसर रफूचक्कर हो गए। कई दिनों तक कंपनी का दफ्तर नहीं खुलने पर परेशान युवकों ने मोघट रोड थाना पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि लोगों का पैसा समेट कर कंपनी जा चुकी है। एेसे में अब कंपनी प्रतिनिधि के खिलाफ अपराध कायम कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
14 युवकों का वेतन नहीं मिला
इस मामले में रेलवे रनिंग रूम के पीछे खंडवा में रहने वाले पंकज मालवीया पिता सदाशिव मालवीया (26) की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी तेजसिंह चौधरी के खिलाफ आइपीसी की धारा 420, 406 व 6 (1) मप्र निपेक्षकों के हितों का संरक्षण अधिनियम २००० के तहत अपराध कायम किया है। पुलिस का कहना है कि पंकज समेत एेसे 14 युवक हैं जिन्होंने शिकायत की है।
10 दिन से बंद है ऑफिस
फरियादी का कहना है कि माइक्रो फाइनेंस कंपनी का ऑफिस लैंडमार्क वन बिल्डिंग तीसरी मंजिल में संचालित था। कंपनी प्रतिनिधि तेजसिंह चौधरी ने यहां काम करने वाले युवकों से अपना कारोबार बढ़ाया और फिर वेतन अटका दिया। बकौल पंकज, कंपनी ने 11 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन देने की बात कही थी, लेकिन दो महीने का वेतन नहीं दिया। यही हाल बाकी युवकों का है।
एक साल में लाखों कमाए
शिकायत करने वालों ने पुलिस को बताया कि जनवरी 2021 से कंपनी खंडवा में चल रही थी। यहां माइक्रो फाइनेंस के नाम पर कंपनी ने लाखों रुपए कमाए हैं। सालभर यह सब चलता रहा लेकिन शिकायत करने वालों के पास कंनी प्रतिनिधि तेजसिंह का स्थाई पता और कंपनी के बाकी अफसरों की जानकारी तक नहीं है। अब पुलिस मोबाइल नंबर के आधार पर जांच पड़ताल में जुटी है।
Published on:
01 Mar 2022 11:00 pm
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