खंडवा.
मिशनरी स्कूल में छात्रों को तिलक लगाकर स्कूल आने से रोकने पर बवाल हो गया। स्कूल प्रबंधन ने कक्षा विद्यार्थियों को चेतावनी दी थी कि यदि तिलक लगाया तो स्कूल से निकाल दिया जाएगा और परीक्षा में बैठने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी। घटना की जानकारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को लगी तो कार्यकर्ताओं ने स्कूल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने अपनी गलती मानी और भविष्य में ऐसा न करने की बात कही।
सिविल लाइन स्थित सेंट जोसफ कान्वेंट स्कूल में कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों को प्राचार्य द्वारा स्कूल में तिलक नहीं लगाकर आने की चेतावनी दी थी। अभाविप नगर मंत्री हर्ष वर्मा ने बताया कि छात्रों ने इस बात की सूचना मंगलवार को विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को दी। सूचना मिलते ही परिषद् के कार्यकर्ता छात्रों के साथ प्राचार्य से मिलने पहुंचे। प्राचार्य ने बात करने से मना कर दिया। इसका विरोध करते हुए विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। इसके बाद प्राचार्य अभाविप कार्यकर्ताओं से बात करने पर राजी हुई। अभाविप ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृति नहीं होना चाहिए। सभी विद्यार्थियों को एक दृष्टि से देखें और हिंदू बच्चों को टारगेट ना करें।
तिलक लगाकर आ सकते हैं बच्चे
अभाविप कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस विद्यालय में पूर्व में भी इस प्रकार की हिंदू विरोधी घटनाएं हुई है। यदि धर्म के आधार पर किसी भी विद्यार्थी को परेशान किया जाएगा तो अभाविप उग्र प्रदर्शन करेगी। इसकी संपूर्ण जवाबदारी स्कूल प्रशासन की रहेगी। विरोध के पश्चात प्राचार्य ने अपनी गलती स्वीकार की एवं विद्यार्थी को आश्वासन दिया कि आप तिलक लगाकर आ सकते हो। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा। इस दौरान जिला एसएफडी प्रमुख शुभम निकुम, अजय बंजारे, आयुष चौरे, रोहित गवली, तन्मय उपासे, विशाल सूर्यवंशी, मोहित मोरे, अभिषेक जलसिंगोद, शुभम इंगले, नमन कातोरे, हर्षराज राणावत, दीपांशु पटेल, विकास रूपाले, विवेक नीलकंठ, डिंपल जगताप,मयूरी सैनी, सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।