पत्रिका के साप्ताहिक मोहल्ला मीटिंग में महिलाओं ने बेबाक अपने अपने-अपने मोहल्ले की आवाज उठा रहीं हैं। महिलाओं ने पत्रिका का मंच मिलते ही नालियों चोक, स्ट्रीट लाइट बंद, मार्ग कच्चे, बगीचों में बच्चों को खेलने उपकरण आदि जैसे मुद्दे उठाए
महिलाएं बोलीं….
संध्या पांडेय… चरे की गाडी़, स्वीपर को रेगुलर समय से आना चाहिए। मंदिर वाले बगीचे में खेल-कूद उपकरण लगाया जाए। जिससे बच्चों, बुजुर्गों को सुविधाएं मिलें।
नेहा कुलकर्णी… खाली प्लाट में कचरा फेंका जा रहा है। उनके मालिकों को सूचना दी जाए कि वे बाउंड्रीवाल और गेट लगाएं। गंदगी नहीं हो। नालियों का निर्माण कराया जाए।
सोनम चौरे…हमारे कॉलोनी की सबसे बड़ी समस्या दूषित पानी है। इंदौर जैसी घटना नहीं हो। ठोस कदम नहीं उठाएं। जिससे हमारे बच्चों और बुजुर्गों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहें।
वर्षा बर्वे…पानी दूषित आता है। बिना आरओ उपयोग नहीं कर पाते हैं। हमारे मोहल्ले के बच्चों को खेलने की सुविधा नहीं है। खेलकूद उपकरण लगाए जाएं।
ममता पटेल…घर के सामने की रोड बनाई जाए। नालियों की रेगुलर सफाई नहीं होने से चोक हो गई हैं। टूटी नालियों की मरम्मत कराया जाए।
अल्का पटेल…कॉलोनी का मार्ग ठीक है। घर के सामने मेन रोड पर गड्ढे हैं। धूल और गड्ढे के के कारण मोहल्ले के लोगों को चलना मुश्किल होता है।
सोनाली कानूनगो… हमारे वार्ड में बगीचा बनाया जाए। इससे बच्चों को खेलने की सुविधा मिलेगी। बुजुर्गों को मॉर्निंग वॉक में सहूलियत मिलेगी।
पिंकी पांडेय…स्ट्रीट लाइट बंद है। शाम ढलते ही मोहल्ले में घुप अंधेरा हो जाता है। इससे कॉलोनी वासियों को दिक्कत होती है।
सीमा गीते…शुक्ला कॉलोनी में हमारे घर के सामने अधूरा मार्ग छोड़ दिया गया है। स्वीपर कभी-कभी आता है। हर रोज सफाई होनी होनी चाहिए।
वंदना गीते… हमारे मोहल्ले में स्ट्रीट लाइट बंद रहती है। शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। बच्चों, बुजर्गों को दिक्कत होती है। सुधार कराया जाए।
पार्षद का दावा 3.50 करोड़ से अधिक का विकास
नेताजी सुभाषचंद्र बोस वार्ड-49 में 22 कॉलोनियों के बीच 11 हजार से अधिक आबादी एक करोड़ रुपए से ज्यादा निगम को टैक्स दे रही है। कॉमर्शियल के साथ ही ढाई हजार संपत्तियां हैं जो टैक्स के दायरे में आती हैं। पार्षद स्वाति सुधीर साकल्ये का दावा है कि वार्ड में अब तक 3.50 करोड़ से अधिक का विकास किया गया है। इसमें मार्ग अधिक हैं। पांच मार्गों के लिए नए टेंडर लगे हैं।
ये सुझाव दिए
बगीचों में खेल-कूद उपकरण लगाए जाएं।
नालियों की रेगुलर सफाई हो।
अधूरे मार्गों का निर्माण पूर्ण किया जाए।
मोहल्ले में स्ट्रीट लाइट लगाई जाए।