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मीटर विवाद एक महीने का हुआ, न शासन का आया जवाब, न निगम-विश्वा एकमत

नर्मदा जल योजना... विवाद के चलते पिछड़ी योजना, नहीं हो रहा है पटाक्षेप।

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खंडवा

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Amit Jaiswal

Apr 19, 2018

narmada jal yojna nagar nigam khandwa news

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खंडवा. नर्मदा जल योजना में घर-घर पानी के मीटर या बल्क मीटर लगाए जाने के विवाद को एक महीना पूरा हो गया है। विधायक देवेंद्र वर्मा जहां अब-भी मीटर नहीं लगने देकर सीएम की घोषणा मनवाने की बात कर रहे हैं तो वहीं महापौर सुभाष कोठारी अनुबंध व अधिसूचना का हवाला देकर सरकार से राशि लाकर मीटर लगवाने का फॉर्मुला लाए हैं। निगम द्वारा मांगे गए मार्गदर्शन पर शासन की कोई टिप्पणी नहीं आई है। इधर, मीटर के बगैर कनेक्शन किए जाने की निगम द्वारा तय 2500 रुपए की दर पर विश्वा सहमत नहीं है। 2650 रुपए पर अडऩे के बाद जब सर्वे रिपोर्ट पर हैदराबाद से जवाब आया तो ये बढ़कर 2850 हो गई।

15 मार्च को आया था शासन का ये आदेश

निगम में 15 अप्रैल को शासन से आए एक पत्र ने हड़कंप मचाया। नगरीय प्रशासन एवं विकास प्रमुख अभियंता के इस पत्र का मजमून ये था कि नगर निगम प्रतिमाह एकमुश्त दर (फ्लैट रेट) से जल शुल्क ले। निगम द्वारा दिए जा रहे कनेक्शनों में वाटर मीटर लगाए जाना जरूरी नहीं है। सिर्फ बल्क मीटर स्थापित किए जाएं।

निगम ने जवाब के साथ मांगा था मार्गदर्शन

निगम ने जवाबी पत्र लिखा। इसमें कहा कि आपके द्वारा सिर्फ बल्क मीटर लगाए जाने के लिए निर्देशित किया है, जिसका अनुबंध में कहीं भी उल्लेख नहीं है। बल्क मीटर लगाए जाने की स्थिति में निगम वित्तीय भार वहन करने की स्थिति में नहीं होगी। विधि विशेषज्ञों की राय लेना उचित होगा ताकि न्यायालयीन कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

एक महीने में इतना सबकुछ हुआ...
16मार्च: विश्वा ने शकुन नगर में सात कनेक्शन मीटर सहित किए।
17मार्च: सोशल मीडिया पर ये मुद्दा ट्रेंड में रहा, लोगों ने चुनाव से जोड़ा।
19मार्च: विश्वा ने नए कनेक्शन देना और मीटर लगाना बंद किया।
26मार्च: महापौर, आयुक्त, कार्यपालन यंत्री ने भोपाल में चर्चा की।
27मार्च: विश्वा ने निगम से पूछा कि कौन-सा पत्र, कहां से आया, प्रति दो।
31मार्च: भाजपा की बैचेनी बढ़ी। महापौर से चर्चा करने भाजपा जिलाध्यक्ष पहुंचे।
2अप्रैल: विधायक, जिलाध्यक्ष साथ आए। वरिष्ठजन व पार्षदों के साथ कलेक्टर से मिले।
3अप्रैल: विश्वा ने निगम से कहा- 4 साल से पानी दे रहे हैं, इसका सर्टिफिकेट दे दो।
5अप्रैल: महापौर और कलेक्टर के बीच मंथन हुआ। रात में बंगले पर बात करने पहुंचे।
9अप्रैल: निगम ने विश्वा से कहा- मीटर बगैर कनेक्शन दो। सरकार से रुपए लाकर मीटर लगाएंगे।
10अप्रैल: विश्वा से कनेक्शन में तेजी लाने, ईपीसी से कहा कि डिस्ट्रीब्यूशन लाइन जल्दी डालो।
13अप्रैल: निगम ने २५०० रुपए दर तय की, विश्वा 2650 पर अड़ी। सर्वे कर १६ तक जवाब देने को कहा।
17अप्रैल: विश्वा कंपनी के मुख्यालय हैदराबाद से जवाब आया। २८५० रुपए प्रति कनेक्शन की दर बताई। निगम ने कहा हम टेंडर कराकर करा लेंगे कनेक्शन।

- सीएम से बात करूंगा
जनता की लड़ाई लड़ेंगे। लोकहित में निर्णय करवाएंगे। महापौर निगम के तरीके से सोच रहे हैं। मैंने सांसद से समय मांगा है, बात करूंगा। सीएम से भी चर्चा करूंगा।
देवेंद्र वर्मा, विधायक

- अनुबंध व अधिसूचना का पालन जरूरी
जनता के लिए हम काम कर रहे हैं। अनुबंध व अधिसूचना का पालन कराना शहरहित में जरूरी है। मीटर की राशि सरकार से लाएंगे। फ्लैट रेट का विकल्प खुला रहेगा।
सुभाष कोठारी, महापौर

- 2850 से कम में नहीं कर पाएंगे कनेक्शन
हमने शहर का सर्वे करके रिपोर्ट भेजी है। निगम के मीटर बगैर कनेक्शन देने के प्रस्ताव पर हैदराबाद से निर्देश मिले हैं। 2850 रुपए प्रति कनेक्शन के आधार पर ही कनेक्शन कर पाएंगे।
प्रवीण कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर, विश्वा