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नर्मदा पाइप लाइन : पंप से 21 लाख लीटर पानी प्रति घंटे चालू होते ही फूट लगी पाइप लाइन, शहर में गहराया जल संकट

नर्मदा पाइप लाइन गुरुवार को भी फूट गई। तीसरे दिन दुबारा पाइप लाइन फूटने से शहर में आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई है। जलसंकट से जूझ रहे लोगों के प्रदर्शन पर पिछले दिनों हुई एफआईआर के बाद संकट और बढ़ गया है। पानी की आपूर्ति सुचारू नहीं हो पा रही है।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Apr 25, 2025

Water crisis

नर्मदा पाइप लाइन

शहर में पानी मांगने वालों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद जलसंकट और बढ़ गया है। पाइप लाइन फूटने के बाद टैंकरों से आपूर्ति से भी व्यवस्था नहीं संभल रही है। नर्मदा पाइप लाइन की क्षमता 16 केजी प्रेशर प्रति सेंटीमीटर है। लेकिन पानी आपूर्ति का लोड 8.50 केजी भी नहीं संभाल पा रही है। हर तीसरे और चौथे दिन दिन फिर फूटी, शहर में त्राहि-त्राहि

पाइपलाइन 50 % प्रेशर भी नहीं संभाल पा रही लोड

पाइपलाइन अपनी क्षमता का 50 % प्रेशर भी नहीं संभाल पा रही है। इसकी पानी के दबाव की क्षमता 16 केजी प्रति वर्ग सेंटीमीटर है, पानी की सप्लाई सिर्फ 8.50 केजी प्रति वर्ग सेंटीमीटर के दबाव से हो रही है। पाइप इतना भी प्रेशर भी नहीं झेल पा रही है। पहले चार पंपों से आपूर्ति होती थी तब करीब 7 केजी प्रति वर्ग सेंटीमीटर का दबाव पाइप पर था, जब पांचवां पंप चालू हुआ है तब से पाइप के फूटने की घटनाएं बढ़ गई है। इंजीनियर्स का दावा है कि प्रेशर बढ़ने से 24 दिन के भीतर हर तीसरे व चौथे दिन पाइप लाइन फूट रही है। इससे पाइप लाइन की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है।

ऐसे बढ़ता है दबाव

नर्मदा पाइप लाइन का 16 केजी प्रति वर्ग सेंटीमीटर की क्षमता का दावा है। चार पंप चालू होने पर 1700 केएल प्रति घंटे (17 लाख लीटर) पानी का बहाव होता है। पांच पंप चालू होने पर बहाव की गति 2100-2250 केएल प्रति घंटे ( 21-22 लाख लीटर) हो जाती है।

छह पंपों की है क्षमता

पाइप लाइन की क्षमता का पचास प्रतिशत (8.50 केजी प्रति वर्ग सेंटीमीटर) यानी 44-45 एमएलडी ( 4.40 करोड़ लीटर) पानी की सप्लाई नहीं झेल पा रही है। पूरी क्षमता से पंप भी संचालित नहीं हो रहे हैं। नौ पंप में सिर्फ पांच चालू हैं। शेष रिजर्व में हैं, पूरी क्षमता छह पंपों से आपूर्ति की है। गुरुवार की सुबह आठ बजे पंप हाउस पर बिजली बंद होने से चारखेड़ा में पानी बैक हुआ, इससे पाइप का ज्वाइंट खुल गया। यह ज्वाइंट 24 घंटे पहले ही रिपेयर किया गया था। वहीं दुबारा लीकेज हो गया।

पानी के गुणवत्ता की रिपोर्ट गुप्त, दबाकर बैठे अफसर

जनसुनवाई में मटमैला पानी लेकर पहुंचे शहरवासियों को पानी की रिपोर्ट नहीं मिली। कलेक्टर ने शिकायतकर्ताओं को मौखिक रुप से बताया कि पानी की गुणवत्ता मानक के अनुरूप है। रिपोर्ट में क्य है इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। निगम के कार्यपालन यंत्री का कहना है कि पीएचई की रिपोर्ट आ गई है। पीने योग्य पानी है, मानक के अनुरूप है।

दो अफसर, 5 कर्मचारियों की ड्यूटी

चारखेड़ा से गुप्ता पेट्रोल पंप तक निगम के विशाल यादव और कंपनी के कर्मचारी कमल की ड्यूटी लगी है। इसी तरह चारखेड़ा गांव में पटवारी अनिल चौहान, सचिव राजेंद्र राजपूत, कोटवार सुरेश की ड्यूटी लगी है। निगम के कार्य पालन यंत्री और राजस्व में संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को कर्मचारियों की मॉनीटरिंग की जिमेदारी सौंपी है। इसके बाद भी चारखेड़ा से गुप्ता पेट्रोल पंप के बीच चार बार फाइप फूटी।

24 दिन में 7 बार फूटी, चारखेड़ा में 4 बार

जिला प्रशासन, नगर निगम और कंपनी की टीम पाइप लाइन की मॉनीटरिंग कर रही है। बावजूद इसके 24 दिन के भीतर 7 बार पाइप लाइन फूटी। इसमें चार बार चारखेड़ा में ही फूटी। 2 अप्रेल को मलगांव में लीकेज, 6 अप्रेल को चारखेड़ा गांव फूटी, 8 अप्रेल को फोकट पूरा ( चारखेडा़ ), 10 अप्रेल को मछोंडी में फूटी, 17 को सुक्तापुर ( चारखेडा़ ) को फूटने पर अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई। 22 अप्रेल को चारखेड़ा, 24 को चारखेड़ा में फूटी। इसमें 22 अप्रेल को चार खेडा़ में रेलवे स्टेशन के निकट और मलगांव में मरम्मत हुई।

इनका कहना...जल वितरण कंपनी के प्लांट प्रबंधक, देवेंद्र सिंह का कहना है कि गुणवत्ता की जांच कई बार हो चुकी है। इस बार तकनीकी गड़बड़ी के चलते पाइप ज्वॉइंट खुला है। अन्य लीकेज मानव निर्मित थे, उसमें क्षमता और गुणवत्ता का कोई दोष नहीं है।