खंडवा.
आदिशक्ति मां भवानी की आराधाना का पर्व शारदीय नवरात्र महोत्सव की शुरुआत सोमवार को घट स्थापना के साथ हुई। शहर के बड़े पंडालों सहित मां देवी धामों और घरों में भी माता की स्थापना की गई। सुबह से ही माता मंदिरों में दर्शन, पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भी भीड़ उमड़ी। शाम को मंदिरों सहित सार्वजनिक पंडालों में भी पूजन-आरती की गई। वहीं, कोरोना के दो साल बाद गली-मोहल्लों में गरबों की खनक भी सुनाई दी।
अश्विन शुक्ल प्रतिपदा पर 9 दिवसीय शारदीय नवरात्र की शुरुआत हुई। नवरात्र पर्व को लेकर बाजारों में भीड़ लगी रही। माता की चुनरी, पूजन सामग्री, उपवास सामग्री सहित अन्य सामग्री की जमकर खरीदी हुई। वहीं, माता की प्रतिमाओं को घर, सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित करने के लिए लोग प्रतिमाओं को गाजे-बाजे के साथ ले गए। शहर के 25 से अधिक स्थानों पर सार्वजनिक माता पंडालों में बड़ी प्रतिमाओं की स्थापना की गई। आकर्षक लाइटिंग, स्थाई झांकियां भी सार्वजनिक पंडालों में सजाई गई है। वहीं, देवी स्थानों पर ज्वारे बोकर घट स्थापना हुई। सिद्ध पीठ मां तुलजा भवानी माता मंदिर, मां हिंगलाज माता मंदिर, मां नवचंड़ी देवीधाम सहित अन्य माता मंदिरों में सुबह से लेकर रात तक दर्शनार्थियों की भीड़ लगी रही। मां शक्ति की आराधना के साथ ही उपवास का दौर भी आरंभ हो गया।
गरबे की ताल पर झूमे श्रद्धालु
कोरोना के चलते पिछले दो सालों से सार्वजनिक गरबों का आयोजन भी नहीं हो रहा था। इस साल कोई प्रतिबंध नहीं होने से गली-मोहल्लों में भी डांडियों की खनक नवरात्र के पहले ही दिन गरबों की ताल पर बालिकांए, युवतियां, महिलाओं सहित पुरुष भी देर रात तक थिरकते रहे। मां नवचंडी देवीधाम, मां तुलजा भवानी माता मंदिर परिसर, कालिका माता मंदिर मालीकुआं सहित कई मोहल्लों में गरबा पंडाल भी सजे। वहीं, कई ग्रुपों द्वारा पारिवारिक गरबा महोत्सव की शुरुआत भी आगामी दो दिन में हो जाएगी।