2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ह्यूमन एंगल : चाइल्ड केयर यूनिट में दो माह से इंफेक्शन का जंग लड़ रही नवजात बच्ची

शिशु रोग विशेषज्ञ ने कहा मामूली डॉट, देखरेख के लिए पीजी डॉक्टर लगे है। सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष ने बोले कि अभी इंफेक्शन ठीक नहीं हुआ है। इस लिए शिफ्ट करने योग्य नहीं है।

2 min read
Google source verification

खंडवा

image

Rajesh Patel

Jun 23, 2025

pediatrician

चाइल्ड केयर यूनिट में दो माह से इंफेक्शन का जंग लड़ रही नवजात बच्ची

शिशु रोग विशेषज्ञ ने कहा मामूली डॉट, देखरेख के लिए पीजी डॉक्टर लगे है। सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष ने बोले कि अभी इंफेक्शन ठीक नहीं हुआ है। इस लिए शिफ्ट करने योग्य नहीं है।

नवजात शिशु इकाई में दाे माह से चल रहा इलाज

मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के स्पेशल चाइल्ड केयर यूनिट ( एसएनसीयू ) में एक नवजात बच्ची दो माह से इंफेक्शन की जंग लड़ रही है। डॉक्टर नवजात बच्ची के इलाज गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। लापरवाही के चलते डाॅयपर वाली जगह पर घाव और रेशे उभर आए हैं। इसका खुलासा बाल कल्याण समिति के सदस्यों के निरीक्षण में हुआ। सदस्यों की रिपोर्ट में डॉक्टर ने जिस नवजात बच्ची को फिट बताकर समिति को शिफ्ट करने की सूचना दी है। अभी वह पूरी तरह से फिट नहीं है। समिति के सदस्यों ने बच्ची को अभी ले जाने से इंकार कर दिया है।

इंफेक्शन हुआ था सुधार हो रहा

नवजात शिशु चिकित्सा गहन इकाई के प्रभारी डॉ कृष्णा वास्केल का कहना है कि बच्ची की देखभाल अच्छे से हो रही है। विशेषज्ञ के साथ पीजी के डॉक्टर नियमित सेवाएं दे रहीं हैं। एक सप्ताह पूर्व नमी के कारण इंफेक्शन हुआ था। इलाज में ठीक हो रहा है।आज की स्थित में अब मामूली डॉट है वह भी जल्द सुधार हो जाएगा।

मां ने किया सरेंडर, एसएनसीयू में चल रहा इलाज

खालवा क्षेत्र में 21 अप्रेल-2025 को नवजात बच्ची का जन्म हुआ था। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा का कहना है कि मां ने नवजात बच्ची को सरेंडर कर दिया। नवाजात बच्ची समिति की देखरेख में है। इलाज के लिए करीब दो माह से एसनसीयू में रखा गया है।

इलाज में उपेक्षा से त्वचा में इंफेक्शन

खालवा में इलाज के दौरान नवाज के स्किन में कई जगहों पर इंफेक्शन से रेशे आ गए। तबीयत गंभीर होने पर एसएनसीयू में रखकर इलाज किया जा रहा है। मामले में संस्था के कुछ सदस्यों का आरोप कि एसएनसीयू में बच्ची की देखभाल कमजोर है। इलाज नहीं मिलने से अभी शिफ्ट करने योग्य नहीं है।

वर्जन...प्रवीण शर्मा, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति

जिस नवजात बच्ची को डॉक्टर फिट बता रहे हैं। वह अभी पूरी तरह से फिट नहीं है। शरीर में कई जगहों पर रेशे के साथ घाव जैसी स्थिति बनी हुई है। ऐसा लगता है प्राॅपर इलाज नहीं मिल रहा है। सदस्यों ने तीन दिन पहले निरीक्षण किया। देखने पर पता चला कि अभी इंफेक्शन और रेशे बने हुए हैं। पूरी तरह ठीक होने के बाद शिफ्ट करेंगे।

वर्जन...डॉ केसी वास्केल, शिशु रोग विशेषज्ञ, प्रभारी एसएनसीयू

बच्ची के इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं बरती गई है। विशेषज्ञ के तौर पर राउंड के दौरान प्रतिदिन देख-रेख की जाती है। पीजी के डॉक्टर नियमित सेवाएं दे रहे हैं। नवजात में नमी के कारण शरीर में रेशे आ जाते हैं। इलाज से सुधार हो रहा है।