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परोपकार से सरोकार नहीं: शहर के प्याऊ बंद, गर्मी पानी के लिए परेशान हो रहे लोग

शहर में मुख्य स्थानों पर प्याऊ की जगह खुल गई गन्ने की चरखी, कई जगह पर अतिक्रमण  

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परोपकार से सरोकार नहीं: शहर के प्याऊ बंद, गर्मी पानी के लिए परेशान हो रहे लोग

घंटाघर पर भैरव बाबा मंदिर के सामने प्याऊ पर अतिक्रमण।

खंडवा. नगर निगम व सेवा कार्य का ढिंढोरा पीटने वाली संस्थाओं ने परोपकार से मुंह मोड़ लिया है। यह इसलिए की भीषण गर्मी में बाजार में प्याऊ बंद है। लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए महंगा बोतल बंद पानी खरीदना पड़ रहा है। शहर की दूर दराज की कालोनियों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार आ रहे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
सुबह 09 बजे से ही गर्मी अपने तेवर दिखाने लगी है। त्योहार का सीजन होने से लोग तेज धूप होने के बावजूद बाजार में खरीदी करने पहुंच रहे हैं। बाजार में खरीदी करने आने वाले लोगों की संख्या ग्रामीण क्षेत्रों की है। लेकिन लोगों को झुलसाती गर्मी में गला तर करने के लिए भी प्याऊ ऐसा नहीं है जहां उन्हें ठंडा पानी मिल सके। शहर में अधिकांश प्याऊ बंद है। इसके साथ ही यहां अतिक्रमण हो गया है।
शहर में सामाजिक संस्थाओं की संख्या 500 से अधिक है। इनमें से फिलहाल लायंस क्लब ही हर साल की तरह प्याऊ के संचालन के लिए आगे आया है। वहीं अन्य संस्थाओं ने अब तक परोपकार के इस कार्य से दूरी बना रखी है। एक सामाजिक संस्था आगे नहीं आई हैं। लायंस क्लब डिस्ट्रीक चेयरमेन नारायण बाहेती ने कहा कि दो प्याऊ की सफाई करवाई हैं। कोशिश की जा रही है शुक्रवार से इन्हें शुरू किया है। इसके साथ ही शहर में अन्य जगह भी प्याऊ खोलने का प्रयास किया जाएगा।
पुराने प्याऊ पर अतिक्रमण, संस्थाएं भी आगे नहीं आई
घंटाघर पर भैरव बाबा मंदिर के सामने हनुमान मंदिर से लगा एक पुराना प्याऊ है। यहां एक टोंटी लगी है, वह भी बंद है। इससे यहां अतिक्रमण हो गया है। प्याऊ का उपयोग अब व्यवसायी अपनी दुकान के कुर्सी व टेबल रखने में कर रहे हैं। इसी तरह रेलवे स्टेशन तिराहे का भी प्याऊ बंद है। इस तरह की स्थिति अन्य प्याऊ की भी है।
ननि ने एक भी अस्थायी प्याऊ भी नहीं शुरू किया
अप्रैल माह शुरू हुए चार दिन हो गए हैं। अक्सर घंटाघर, नगर निगम कार्यालय के बाहर, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के सामने और अस्पताल के पास प्याऊ खोले जाते हैं लेकिन इस बार अभी तक नगर निगम को अभी तक गर्मी का एहसास तक नहीं हुआ है। बाजार में एक भी जगह प्याऊ नहीं खोला है।
घंटाघर पर प्याऊ की जगह चरखी के लिए नीलाम
घंटाघर पर हनुमान मंदिर के पास अस्थाई रूप से प्याऊ शुरू किया जाता था। इससे बाजार आने वाले लोगों को मटकों का शीतल जल गला तर करने के लिए मिल जाता था। लेकिन अब इस जगह गन्ने की चरखी लग रही है। इसी तरह से जलेबी चौक, जय अंबे चौक, इंदिरा चौक, स्टेशन रोड पर गेट के पास भी अस्थाई प्याऊ नहीं शुरू हुए हैं।