-जल गंगा अभियान के तहत शकर तालाब में प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में शकर तालाब की ढाई हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की है। तालाब की भूमि पर 35 साल पुरानी बस्ती में किए गए पक्के निर्माण को तोड़ दिया है। अतिक्रमण स्थल पर ढाई हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त हो गई है। नगर निगम आयुक्त प्रियंका सिंह राजावत ने कहा जल गंगा अभियान के तहत जल स्रोत को विकसित किया जाएगा।
तीन मंजिला मकान ढहा दिया
नगर निगम क्षेत्र के महात्मा गांधी नगर स्थित शकर तालाब की भूमि पर प्रशासन ने सख्ती से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की है। राजस्व, पुलिस और निगम की संयुक्त कार्रवाई में 114 परिवारों के पक्के मकान तोड़े। मौके पर छोटे-बड़े मिलाकर 160 मकान जमींदोज हो गए। इसमें 46 टीन शेड के अस्थाई मकान शामिल हैं। खंडवा के इतिहास में इस तरह की कार्रवाई पहली बार हुई है। स्थल पर चार जोन बनाकर 15 जेसीबी, 2 पोकलेन मशीन, 10 डंपर समेत अन्य संसाधनों की सहायता से तीन मंजिला ढहा दिया।
आयुक्त बोलीं, तालाब का होगा गहरीकरण
निगम आयुक्त प्रियंका सिंह राजावत के अनुसार तालाब की भूमि पर 137 पक्के निर्माण का अतिक्रमण था। इनमें से 26 मकानों के न्यायालय से स्टे है। इन्हें कार्रवाई से अलग रखा गया। शेष कार्रवाई हटा दिए गए। जल गंगा अभियान के तहत शकर तालाब को विकसित किया जाएगा।
नजूल रिकार्ड में 16 एकड़ भूमि
नजूल के रिकार्ड में शकर तालाब का रकबा 16 एकड़ दर्ज है। महारानी लक्ष्मी वार्ड की छोर में तालाब की भूमि पर दो हेक्टेयर पर पक्का मकान निर्माण कर लिया है। ज्यादातर मकान एक मंजिला के थे। दस से अधिक मकान तीन व दो मंजिला थे। प्रशासन ने चार माह पहले तालाब की भूमि का सीमांकन किया। अब तक चार बार नोटिस जारी की। समझाइश के बाद भी घर खाली नहीं किया। घरों में नोटिस चस्पा करने करने के बाद दो दिन पहले स्वयं कब्जा हटाने 48 घंटे की मोहलत दी।