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जल जीवन मिशन को पलिता लगा रहे अफसर, लाखों खर्च करने के बाद भी नहीं बुझा पाए बच्चों की प्यास

-कहीं टंकियां शुरू होने से पहले ही फूटी, कहीं नल ही नहीं लगे -मामला आदिवासी अंचल के रोशनी, पटाजन संकुल के स्कूलों का

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खंडवा

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Manish Arora

Dec 24, 2024

Jal Jeevan Mission

खंडवा. पटाजन स्कूल में बनी हैंडवॉश यूनिट, जहां से नल ही गायब हो गए।

सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत स्कूलों में बच्चों की प्यास बुझाने पेयजल की व्यवस्था, स्वच्छता को लेकर हैंडवॉश यूनिट लगाई थी। आदिवासी अंचल में इस योजना को अधिकारियों ने पलिता लगा दिया है। स्कूलों में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से ठप है। कहीं नल ही नहीं लगे, लगे तो लोग उखाड़ ले गए, पानी की टंकियां जल प्रदाय करने से पहले ही फूट गई। हालात ये है कि दो संकुलों में करीब 90 प्रतिशत वॉटर यूनिट अक्रियाशील हाल में है। पीएचइ और शिक्षक एक-दूसरे पर जिम्मेदारी ढोल रहे हैं।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचइ) विभाग द्वारा करीब तीन साल पहले जिलेभर की स्कूलों में पेयजल व्यवस्था के लिए टंकी और नल लगाए गए थे। आदिवासी अंचल में हालात ये है कि पेयजल यूनिट शुरू होने से पहले ही खराब हो गई। पटाजन, रोशनी संकुल में कुल 64 प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में लाखों खर्च कर यूनिट स्थापित की गई। इसमें से कई यूनिट तो शुरू ही नहीं हो पाई, जो शुरू भी हुई तो संधारण के अभाव में टूटफूट होकर बेकार पड़ी है। जामनिया सरसरी में कराई गई बोरिंग बंद पड़ी है। पटाजन माध्यमिक और प्राथमिक शाला में टंकियां नजर आ रही है, लेकिन नल गायब है। खोदरिया में टंकी जरूर है, लेकिन नल नहीं लगाए गए है। ऐसे ही हालात लगभग सभी स्कूलों में नजर आ रहे है।

ट्राइबल की स्कूलों के शिक्षकों को पता ही नहीं
मामले में जब आदिवासी अंचल के स्कूलों में बात की गई तो इन स्कूलों के शिक्षकों को पता ही नहीं कि ये टंकियां किसने और कब लगाई है। इन पेयजल यूनिट के संधारण को लेकर भी कोई निर्देश जारी नहीं हुए। विभाग द्वारा पेयजल यूनिट को हैंडओवर भी नहीं किया गया। आदिवासी अंचल के स्कूलों में बच्चे आज भी पीने का पानी अपने घर से ही ला रहे है। स्वच्छता के लिए बनाई गई हैंडवॉश यूनिट के भी ऐसे ही हालात है। बिना नलों के हैंडवॉश यूनिट का कोई औचित्य नजर नहीं आ रहा है।

हमें जानकारी ही नहीं मिली
जल जीवन मिशन के तहत पेयजल टंकियां लगाई गई है, लेकिन इसका संधारण कौन करेगा, इसकी जानकारी या आदेश हमें नहीं मिला है। संकुल के 30 स्कूलों में से 25 में पेयजल यूनिट खराब है या शुरू ही नहीं हुई है।
दुर्गादास डोडे, रोशनी संकुल प्राचार्य

दो साल पहले लगाई गई टंकियां
करीब दो साल पहले संकुल की स्कूलों की छतों पर पानी की टंकियां लगाकर, पाइप लाइन खुले छोड़ दिए गए। करीब 34 स्कूलें हैं, जिसमें से 70 प्रतिशत में योजना का कोई लाभ नहीं मिला। तीन साल पीएचइ को ही इसका मेंटेनेंस करना है।
सुनील जैन, संकुल प्राचार्य पटाजन

हमारे पास हैंडओवर के दस्तावेज
हमने यूनिट स्थापित कर संधारण भी की, लेकिन शिक्षकों ने हैंडओवर के बाद कोई ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण सारी यूनिट खराब हो गई है। हमारे पास हैंडओवर के दस्तावेज भी है, जिस पर शिक्षकों के हस्ताक्षर लिए गए है।
अनुपम गहोई, प्रभारी कार्यपालन यंत्री पीएचइ