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गोमाता के लिए खोले आठ प्याऊ

श्रीमद भागवत ज्ञान गंगा यज्ञ महापर्व समिति का आयोजन

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Opened eight pots for mother cow

Opened eight pots for mother cow

खंडवा. गोमाता के लिए जल- अन्न की व्यवस्था करोगे तो अपने खुद के पुण्य का आशीष कलश स्वयं भर जाएगा। यह भाव व्यक्त करते हुए श्रीमद भागवत कथा वाचक संजीव कृष्ण ने ज्ञान गंगा यज्ञ महापर्व समिति के माध्यक से आठ प्याऊ लोकार्पित किए। गोमाता के पेयजल आपूर्ति के लिए जसवाड़ी रोड की कॉलोनी मयूर विहार, रामनगर, फ्रेंड्स कॉलोनी, राजेंद्र नगर सहित अन्य कॉलोनियों में आठ टंकी का लोकार्पण किया है। श्रोताओं को बताया गया कि जो गोमाता की सेवा करता है, वह पितृ दोष से मुक्त हो जाता है। जो व्यक्ति गोमाता के लिए जल, अन्न की व्यवस्था करते हैं, उन्हेें कभी कष्ट नहीं आते। कथा विराम के अंत में समिति अध्यक्ष आशीष जायसवाल ने सभी का आभार माना। कथावाचक ने खंडवा से लगभग 32 किमी दूर स्थित वनग्राम हरवंशपुरा के ग्रामीणों को लेकर कहा, आज वनग्राम के लोगों के मकान कच्चे जरूर हैं लेकिन उनकी आस्था पक्की है।
कैदियों से कहा, यहां पाप से जाप की ओर जाओ
श्रीमद भागवत कथा वाचक रविवार सुबह जिला जेल पहुंचे। यहां उन्होंने गीता श्लोकोें का वर्णन किया। उन्होंने कहा, अपराध की वजह से तुम यहां जेल में आए हो, अब अपराध की यात्रा से आराधना की यात्रा की ओर निकलना। पाप से जाप में आओ। ठोकर से ठाकुर की यात्रा पर चलो। मन में न मानों की मैं अपराधी हूं।

बच्चों ने किया माता- पिता का पूजन

श्रीमदद्देवी भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में रविवार को माता- पिता का पूजन किया गया। ज्वाला देवी कॉलोनी में हो रहे इस आयोजन में कथा व्यास नंदकिशोर पाण्डेय ने श्रोताओं को बताया कि धरती पर सबसे पहले भगवती की उपासना होती है। वृक्ष, पर्वत, पृथ्वी, गाय, पशु, मनुष्य सभी में देवी का स्वरूप है। देवी का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ देवी की उपासना होती थी। भगवती के निर्गुण स्वरूप की उपासना किया करते थे। अपनी सभी इन्दि्रयों को शांत रखो तो भगवान शीघ्र मिल जाते हैं। पहले मनुष्य, मनुष्य का आदर करता था, लोग मनुष्य में ही भगवान का दर्शन करते थे। उसके कुछ अंश आज भी देखने को मिलते हैं। कन्या पूजन भी देवी का स्वरूप मानकर करते हैं। उन्होंने शीतला अष्टमी की विशेषता बताई। कथा स्थल पर माता- पिता का पूजन कर पुण्य लाभ लिया गया।