
ओंकारेश्वर में 119 करोड़ के ममलेश्वर महालोक प्रोजेक्ट का विरोध
Mamleshwar Mahalok Project Omkareshwar- मध्यप्रदेश की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में ममलेश्वर महालोक निर्माण की घोषणा की गई है। राज्य सरकार की इस मंशा का स्थानीय लोगों द्वारा तगड़ा विरोध किया जा रहा है। रविवार को सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और विधायक नारायण पटेल द्वारा प्रस्तावित ममलेश्वर लोक की जद में आ रहे विस्थापितों की बैठक ली जानी है। बैठक में प्रभावितों को कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है, जिसके चलते विरोध का दौर जारी है। बैठक से पहले ही स्थानीय रहवासियों ने शुक्रवार को ममलेश्वर महालोक के विरोध में ब्रह्मपुरी में सारी दुकानें बंद रखकर अपना विरोध दर्ज कराया। शनिवार को तो साधु संत भी आगे आ गए और साफ कह दिया कि यहां ममलेश्वर महालोक बनाने की कोई जरूरत ही नहीं है।
सिंहस्थ 2028 के लिए खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में ममलेश्वर महालोक निर्माण का प्रस्ताव है। 119 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट पर अब सवालिया निशान लग गया है। महालोक के विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं।
ममलेश्वर महालोक निर्माण को लेकर स्थानीय रहवासियों में आशंका, भय और आक्रोश है। दरअसल ममलेश्वर लोक के निर्माण के लिए बड़ी संख्या में मकान-दुकान, होटल, गेस्ट हाउस और आश्रम हटाए जाने है। अपने सिर से आशियाना और व्यापार व्यवसाय चौपट होने की आशंका से नागरिक त्रस्त हैं।
ओंकारेश्वर में प्रस्तावित ममलेश्वर महालोक का निर्माण 119 करोड़ रुपए की लागत से किया जाना है, लेकिन स्थानीय निवासियों और संत समाज द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस परियोजना के कारण ब्रह्मपुरी क्षेत्र में स्थित मकान, दुकानें, मठ, मंदिर और आश्रम तोड़े जाएंगे, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित होगी।
ममलेश्वर लोक के लिए गुरुवार को स्थानीय रहवासियों ने शुक्रवार को बंद का ऐलान किया था। स्थानीय भाजपा नेताओं ने पहल की और सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल से चर्चा की। सांसद ने 16 नवंबर को सभी पक्षों और प्रशासन के साथ बैठक में इसका हल निकालने का आश्वासन दिया था। इसके बाद बंद को स्थगित किया गया, लेकिन शुक्रवार को स्थानीय रहवासी फिर विरोध में उतर आए और सुबह से दुकानें, प्रतिष्ठान बंद रखे।
ममलेश्वर महालोक निर्माण के विरोध में आमजनों, कारोबारियों के विरोध पर संत समाज भी आगे आ गया है। साधु-संतों, पुजारियों ने एकस्वर से इस प्रोजेक्ट का विरोध किया है। शनिवार को महालोक निर्माण के विरोध में साधु संतों ने बैठक बुलाई। संत समाज ने स्पष्ट कहा कि भगवान ममलेश्वर ही यहां प्रधान हैं, ममलेश्वर लोक की कोई जरूरत ही नहीं है। संतों के विरोध के बाद प्रोजेक्ट के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं।
Published on:
15 Nov 2025 04:03 pm
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