
PESA Act : Target population unknown
खंडवा. आदिवासी बहुल ब्लॉक खालवा की ग्राम पंचायतों में समितियों का गठन हो गया। पेसा ऐक्ट से अभी भी लक्षित आबादी अनजान है। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की हिस्सेदारी कम होने से पेसा एक्ट को लेकर जागरूक नहीं हो सके। खालवा ब्लॉक की 155 गांवों में में महज 23 हजार लोगों को बुलाकर समितियों का गठन कर लिया गया है।
पेसा एक्ट की जानकारी मुझे नहीं है
पत्रिका ने ब्लॉक मुख्यालय से लेकर खेत-खलिहान तक ग्रामीणों से पेसा ऐक्ट को लेकर चर्चा की तो जागरूकता अभियान थोथा साबित हुआ। कुम्हार खेड़ा गांव के छह ग्रामीण बैलगाड़ी से ब्लॉक जा रहे थे। बैलगाड़ी पर सवार किसान भगवानदास ने कहा पेसा एक्ट की जानकारी मुझे नहीं है। हम लोग खेती-किसानी करते हैं। इस पर सवार सभी लोग पेसा एक्ट से अनजान रहे। बैठक की कोई सूचना नहीं मिली। ब्लॉक मुख्यालय से करीब छह किमी दूर आदिवासी महिला फूलकली कहती हैं कि पेसा एक्ट की बात तो दूर बैठक की जानकारी नहीं मिली।
ऐसे समझें अनजान का आकंडा
खालवा ब्लॉक की आबादी ढाई लाख है। ग्राम सभाओं के दौरान कुछ ग्राम सभाओं को छोड़ दे तो ज्यादातर में संख्या 100भी नहीं पहुंची। यदि ग्राम सभाओं में अधिकतम औसत 150 का लिया जाए तो 155 ग्रामों में महज 23,200 ग्रामीणों ने समितियों के अध्यक्ष को चुन लिए। जबकि खालवा ब्लाक की आबादी ढाई लाख से ज्यादा है, जिसमें 1.75 लाख मतदाता है।
टिगरिया में अध्यक्ष पर नहीं बनी सहमति
टिगरिया ग्राम पंचायत में दो ग्राम हैं। टिगरिया व हसनपुरा। दोनों ग्रामों की आबादी 3200 है। टिगरिया में बैठक के दौरान 80 ग्रामीण रहे। बैठकें हो गई, शांति एवं सुरक्षा समिति गठित हो गई। लेकिन अभी तक दोनों ग्रामों में अध्यक्ष तय नहीं हो सके। बैठक टिगरिया में चरण पटेल की अध्यक्षता में हुई। हसनपुर में श्यामलाल पटेल की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठकों में 100 लोग भी शामिल नहीं हुए।
रेहटिया में 40 लोगों ने चुना अध्यक्ष
आवल्या ग्राम पंचायत में रेहटिया, कुटबी ग्राम हैं। रेहटिया में 29 नवंबर को पहली बैठक में 40 और दूसरी में 90 ग्रामीणों के साथ बैठक हुई। गांव के एक तिहाई लोग शामिल नहीं पहुंचे। जबकि नियम है एक ग्राम में कम से कम 100 या फिर कुल आबादी की 25 फीसदी लोग ग्राम सभा में आएंगे। ट्रेनर राजेश तिवारी रहे। दूसरी बैठक 12 दिसंबर को हुई। इसमें रेहटिया में साहेब लाल, आवल्या में राम प्रसाद पाटिल और कुटबी में चुन्नीलाल पाटिल अध्यक्ष चुने गए हैं।
वन उपज समितियों का गठन
तीनों गांवों में सात-सात सदस्यों की शांति व विवाद निवारण और वन उपज समितियों का गठन हो गया है। इस गांव के नोडल मनीष गोरखे हैं। तीनों गांवों की आबादी 5400 है। 2780 मतदाताओं में पुरूष 1414, महिलाएं 1366 हैं।
दो गांवों में सामान्य वर्ग चुन लिया
आदिवासी गांव पटाजन व धावड़ी में ग्राम सभा के दौरान सामान्य वर्ग के अध्यक्ष चुन लिए गए। गाइड लाइन के आदिवासी वर्ग को चुनने के लिए प्रक्रिया दोबारा पूरी की जा रही है।
पेसा एक्ट के तहत ग्राम सभाओं में भीड़ रही। कुछ जगहों पर 400 लोग शामिल हुए। गाइड लाइन के तहत समितियों के गठन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। दो गांवों में गठन की प्रक्रिया शेष हैं, वहां भी जल्द्र क्रिया पूरी हो जाएंगी।
केके उइके, सीइओ, खालवा
Published on:
21 Dec 2022 11:44 pm
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