
खंडवा : गरीबों के आवास में लैंड यूज का पेंच, ऑनलाइन अटका आशियाना
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में लैंड यूज का नया पेंच आ गया है। रिकार्ड में लैंड यूज परिवर्तन होने की बजाए कृषि योग्य भूमि दर्ज है। इससे 800 गरीबों के आवेदन फाइनल सर्वे के बाद भी ऑनलाइन सबमिट नहीं हो रहे हैं। निगम के चार डीपीआर फाइनल : 1100 में से 800 आवेदकों को आठ करोड़ रुपए की पहली किश्त जारी
रिकार्ड में लैंड यूज परिवर्तन होने की बजाए कृषि योग्य भूमि दर्ज है। इससे 800 गरीबों के आवेदन फाइनल सर्वे के बाद भी ऑनलाइन सबमिट नहीं हो रहे हैं। जिसमें सबसे अधिक आवेदन आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग के के शामिल है। निगम कार्यालय में ऑनलाइन सत्यापन के लिए आवेदकों की कतार लगी है।
नगरीय क्षेत्र में पीएम शहरी आवास योजना में दो साल के भीतर 3200 से अधिक नए आवेदन आए हैं। जिसमें अब तक 1100 से अधिक आवेदकों के डीपीआर की प्रक्रिया फाइनल हो गई है। इसमें से 800 से अधिक के खाते में पहली किश्त भी जारी हो चुकी है। शेष की कागजी प्रक्रिया जारी है। कुछ की दूसरी किश्त भी जारी हो चुकी है। नए आवेदकों की डीपीआर स्वीकृति के बाद आवास का निर्माण भी चल रहे हैं। शेष डेढ़ हजार आवेदनों के सत्यापन की कागजी प्रक्रिया चल रही है।
ऐसे आवेदक जिनके प्लाट का डायवर्सन नहीं हुआ है। यानी रेवन्यू रिकार्ड में लैंड यूज परिवर्तन नहीं हुआ है। कागज पर कृषि योग्य भूमि दर्ज है। ऑनलाइन सत्यापन के दौरान सिस्टम फाइनल सर्वे रिपोर्ट सबमिट से मना कर रहा है। सबमिशन फेल होने से डीपीआर बनने में दिक्कत आ रही है।
एक हजार आवेदकों के लैंड यूज परिवर्तन नहीं हुए थे। सर्वे के दौरान 200 से अधिक आवेदकों के प्लाट के सामने नाली व सड़क निर्माण होने की स्थिति में सत्यापित रिपोर्ट के बाद सबमिट हो गए। आवेदकों को समझाइश दी गई है कि वे अपने प्लाट का रिकार्ड में लैंड यूज परिवर्तन कराएं। जिससे ऑनलाइन रिपोर्ट सबमिट हो सके।
-गणेश तलाई एरिया निवासी लक्ष्मी बाई के प्लाट का लैंड यूज रिकार्ड में परिवर्तन नहीं हुआ है। दोबारा संशोधित नियम के तहत सर्वे में मिला कि लक्ष्मी बाई के प्लाट के सामने नाली व रोड बनी हुई है। इससे सर्वे रिपोर्ट के बाद ऑनलाइन आवेदन सबमिट हो गया। इसी तरह कई अन्य आवेदकों का सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आवेदन डीपीआर के लिए सबमिट कर लिए गए हैं।
संगीता इंगले, रामनगर...सर्वे हो गया है। कागज सब ठीक है। हमारे साथ के आवेदकों का सर्वे होने के बाद पहली किश्त आ गई। कुछ की दूसरी किश्त भी आ गई है। लेकिन एक साल से मेरी पहली किश्त भी नहीं आई है।
फूलवती, जसवाड़ी रोड....आवेदन की कागजी प्रक्रिया छह माह पहले ही पूरी हो चुकी है। मेरे साथ के आवेदकों के खाते में पहली किश्त आ गई है। निगम कार्यालय में कई बार आ चुकी। जवाब मिलता है अगली बार किश्त आ जाएगी।
सत्यापन के दौरान रिपोर्ट में 800 आवेदन ऐसे मिले हैं जिनके प्लाट अनडायवर्टेड हैं। इससे ऑनलाइन आवेदन सबमिट नहीं हो रहे हैं। इसके लिए शासन से गाइड लाइन मांगी गई है। इसमें ऐसे आवेदन सबमिट हो रहे हैं। जिनके प्लाट के सामने रोड व नाली का निर्माण हुआ है।
Updated on:
10 Mar 2026 11:49 am
Published on:
10 Mar 2026 11:40 am
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