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टैक्स : 9 साल बाद टैक्स के दायरे में आएंगे 10 हजार नई संपत्तियां, निगम की बढ़ेगी आय

नगरीय क्षेत्र में जीआईएस ( ज्योग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम ) यानी भौगोलिक सर्वे के दौरान 10 हजार से अधिक नई संपत्तियां मिलीं हैं। नई संपत्तियां एक अप्रेल से टैक्स के दायरे में आ जाएंगी। निगम ने नौ साल बाद नई संपत्तियों को टैक्स लगाने की कार्य योजना तैयार की है।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Mar 07, 2026

property tax

नगरीय क्षेत्र में जीआईएस ( ज्योग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम ) यानी भौगोलिक सर्वे के दौरान 10 हजार से अधिक नई संपत्तियां मिलीं हैं। नई संपत्तियां एक अप्रेल से टैक्स के दायरे में आ जाएंगी। निगम ने नौ साल बाद नई संपत्तियों को टैक्स लगाने की कार्य योजना तैयार की है।

सर्वे में मिलीं 10 हजार नई संपत्तियां

नगरीय क्षेत्र में जीआईएस ( ज्योग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम ) यानी भौगोलिक सर्वे के दौरान 10 हजार से अधिक नई संपत्तियां मिलीं हैं। नई संपत्तियां एक अप्रेल से टैक्स के दायरे में आ जाएंगी। निगम ने नौ साल बाद नई संपत्तियों को टैक्स लगाने की कार्य योजना तैयार की है। जिसे एमआईसी फाइनल टच देगी। टैक्स शुरु होने से निगम की आय हर साल एक से डेढ़ करोड़ रुपए बढ़ने की उम्मीद है। निगम की डिमांड 11.50 करोड़ से बढ़कर 13 करोड़ रुपए हो जाएगी।

वर्ष 2017 के बाद 2026 में नई संपत्तियां

नगर निगम ने वर्ष 2017 के बाद नई संपत्तियों पर वर्ष 2026 में टैक्स लगाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया है। सर्वे का कार्य 8 फरवरी-2025 को शुरु हुआ था। इस दौरान 10 हजार 887 नई संपत्तियां दर्ज की गईं हैं। निगम ने इन संपत्तियों का डिटेल सर्वे तैयार किया है। अभी 46,346 संपत्तियों टैक्स के दायरे में हैं। इन संपत्तियों से करीब 11.50 करोड़ रुपए टैक्स की डिमांड है। अब नई संपत्तियों को मिलाकर एक से डेड़ करोड़ रुपए नया टैक्स जनरेट होगा।

खानशाहवली में 2 हजार नई संपत्तियां

सर्वे के दौरान सबसे अधिक नई संपत्तियां खानशाहवली, किशोर कुमार गांगुली और संतोषी माता वार्ड में मिलीं है। नई रिपोर्ट में खानशाहवली वार्ड-36 में 3200 संपत्तियां हो गई हैं। इसमें 2 हजार संपत्तियां नई दर्ज की गई हैं। किशोर कुमार गांगुली वार्ड-5 में 2696 संपत्तियां हैं। इसमें 495 नई संपत्तियां नई मिलीं हैं। संतोषी माता वार्ड-32 में 2200 संपत्तियां दर्ज हैं। इसमें 1000 नई संपत्तियां बढ़ी हैं।

ऐसे समझें टैक्स का निर्धारण

नगरीय क्षेत्र में 3 प्रकार के टैक्स निर्धारित होता है। कलेक्टर गाइड लाइन के आधार पर पॉश एरिया में 20 रुपए स्क्वायर फीट। यदि कॉमर्शियल है तो 3 हजार रुपए अतिरिक्त चार्ज होगा। दूसरा वैध कॉलोनियों में सामान्य एरिया में कॉमर्शियल संपत्तियों को छोडऩे के बाद 18 रुपए प्रति स्क्वायर फीट है। स्लम एरिया में 15 रुपए स्क्वायर फीट। यदि किसी की संपत्ति का मूल्यांकन 6 हजार रुपए तक होता है तो टैक्स फ्री हो जाता है। भवन में यदि मकान मालिक के अलावा किराएदार रहता है तो कुल टैक्स में 500 रुपए अतिरिक्त जुड़ता है।

फैक्ट फाइल

46,346 - निगम के रिकार्ड में दर्ज संपत्तियां

10, 887- सर्वे में नई संपत्तियां चिन्हित की गई।

58,233 - नई व पुरानी संपत्तियों की संख्या

इनका कहना : एसआर सिटोले, उपायुक्त, नगर निगम

नई संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाने प्रक्रिया करीब पूरी हो गई है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार टैक्स निर्धारण की कार्य योजना तैयार की गई है। इससे निगम की एक से डेढ़ करोड़ रुपए आय बढ़ेगी। एमआईसी की बैठक के बाद एक अप्रेल से नई संपत्तियां टैक्स की दायरे में आ जाएंगी।