
Prime Minister Adi Aadarsh Gram:
जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह के गृह जिले में परियोजना सलाहकार मंडल समिति भंग है। डेढ़ साल बाद भी मुख्यमंत्री नाम तय नहीं कर सके हैं। इससे विकास योजनाओं की मॉनीटरिंग प्रभावित हो रही है। अधिकारियों की खानापूर्ति से चार साल में चालीस करोड़ रुपए विकास पर खर्च नहीं कर सके। इससे विकास कार्य अधूरे हैं।
‘ प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम ’ योजना के तहत आदिवासी बहुल ग्रामों में निर्माणाधीन विकास कार्य चार साल में पूरी नहीं हो सके। चयनित 225 ग्रामों में 40 करोड़ रुपए से ज्यादा लागत की विकास योजनाएं अधूरी हैं। अफसरों की समीक्षा के दौरान जपं पंचायतों की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट में 630 में से 179 कार्य अधूरे हैं। पंचायत स्तर पर विकास अधिकारियों की लापरवाही के चलते चार साल से कार्य पूर्ण नहीं हो सके। यही नहीं आला अफसरों की कमजोर मॉनीटरिंग के चलते 30 कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। समीक्षा रिपोर्ट में विकास अधिकारियों ने दावा किया है कि 421 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसमें खास बात यह कि दस से अधिक कार्यों का स्थल बदल दिया गया है।
केंद्र सरकार की बहुप्रचारित योजना ‘ प्रधानमंत्री आदि आदर्श ’ ग्राम योजना वर्ष 2021-22 में शुरू हुई। चयनित ग्रामों में 20-20 लाख की विकास योजनाओं का निर्माण शुरू किया गया। पहली किश्त 12-12 लाख रुपए यानी 60 % राशि पंचायतों के खाते में भेजा गया। तत्कालीन अफसरों की अनदेखी के चलते कार्य पूर्ण नहीं हो सके। केंद्र शासन की सख्ती अफसरों ने मॉनीटरिंग शुरू की है। इसकी मॉनीटरिंग अधिकारियों के अलावा परियोजना सलाहकार समिति भी करती है। लेकिन डेढ़ साल से समिति भंग है। अध्यक्ष का चयन मुख्यमंत्री स्तर पर होता है।
परियोजना मंडल समिति भंग होने से आदिवासी बहुल 225 ग्रामों में 40 करोड़ रुपए से ज्यादा के विकास कार्यों की मॉनीटरिंग रेगुलर नहीं रही है। परियोजना मंडल सचिव मॉनीटरिंग के नाम पर खानापूर्ति कर इतिश्री कर ली। परियोजना प्रशासक का स्थानांतरण हो गया।
परियोजना मंडल के सितंबर-2024 माह में तत्कालीन पंधाना विधायक अध्यक्ष रहे। विस चुनाव के दौरान पद रिक्त हो गया है। वर्तमान समय में परियोजना सलाहकार मंडल समिति भंग है। जनजातीय कार्य विभाग में परियोजना सलाहकार मंडल समिति का अध्यक्ष पद डेढ़ साल से रिक्त है। अध्यक्ष पद मुख्यमंत्री को नामित करना है। आदिवासी विधायक को जिम्मेदारी सौंपी जानी है। पद रिक्त होने के दौरान कलेक्टर पदेन अध्यक्ष होता है। चुनाव खत्म होने के बाद इस योजना की मॉनीटरिंग जनप्रतिनिधियों के स्तर पर नहीं हो रही है। कलेक्टर और जिपं सीइओ स्तर पर मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
परियोजना मंडल खंडवा-बुरहानपुर का अध्यक्ष पद रिक्त है। इस पद के लिए पंधाना, हरसूद और नेपानगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पात्र हैं। तीनों में से मुख्यमंत्री किसी को भी अध्यक्ष पद पर नियुक्त कर सकते हैं। दरअसल, इस समिति में खंडवा, बुरहानपुर दोनों जिले शामिल हैं। वर्तमान समय में पंधाना के पूर्व विधायक रामदागोरे रहे। चुनाव में विधायक बदलने के बाद पद रिक्त हो गया है।
ब्लाक कार्यों की संख्या अपूर्ण कार्य
खालवा 313 102
पंधाना 138 45
पुनासा 87 09
छैगांव माखन 32 12
खंडवा 27 07
बलड़ी 22 03
हरसूद 11 01
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कुल 630 179
प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्रामों में विकास योजनाओं की समीक्षा हर सप्ताह की जा रही है। इसकी मानीटरिंग जिला पंचायत और जनजातीय कार्यालय से कराई जा रही है। विकास कार्यों की प्रगति को लेकर जल्द ही रिव्यू करेंगे।
Updated on:
28 Jun 2025 12:04 pm
Published on:
28 Jun 2025 11:54 am
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