23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस : राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा MP में 1.32 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग, भावी पीढि़यां होंगी सुरक्षित

अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस पर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिकल सेल उन्मूलन को देश की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चुनौती है। उन्होंने कहा सरकारें मिशन मोड में कार्य कर रही हैं। अभियान से आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

खंडवा

•

image

Rajesh Patel

•

Updated: 19 Jun 2026, 1:33 PM IST

International Sickle Cell Day

खंडवा : ओंकारेश्वर में राज्य स्तरीय अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, राज्यपाल मंगू भाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव समेत अन्य

अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस पर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिकल सेल उन्मूलन को देश की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चुनौती है। उन्होंने कहा सरकारें मिशन मोड में कार्य कर रही हैं। अभियान से आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

राष्ट्रपति : आनुवांशिक रोगों की जांच की सबसे बड़ी पहल

राष्ट्रपति ने कहा कि देश में नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष तक की आयु वर्ग के करोड़ों लोगों की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है, जो विश्व स्तर पर आनुवांशिक रोगों की जांच की सबसे बड़ी पहल में शामिल है। राष्ट्रपति ने कहा कि मध्यप्रदेश का इसमें विशेष योगदान है। प्रदेश में करोड़ों लोगों की स्क्रीनिंग के साथ उन्हें जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड भी प्रदान किए गए हैं।

राष्ट्रपति : देश के 17 राज्यों में अभियान चलाया जा रहा

राष्ट्रपति ने कहा कि सिकल सेल का सर्वाधिक प्रभाव जनजातीय समुदायों पर पड़ता है और देश के 17 राज्यों में यह अभियान चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश और उड़ीसा जैसे राज्यों में इसके प्रभाव को देखते हुए व्यापक स्क्रीनिंग और परामर्श की व्यवस्था की गई है। मध्यप्रदेश में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और जनजातीय विद्यार्थियों के लिए विशेष जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

राष्ट्रपति : 2047 से पहले ही खत्म हो जाएगी बीमारी

राष्टपति ने कहा ‘ सिकल मित्र ’ पहल की भी सराहना की, जिसके माध्यम से जागरूकता, परामर्श और उपचार सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि यदि इसी तरह प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य जारी रहा तो वर्ष 2047 से पहले ही भारत सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा।

राज्यपाल : डिजिटल, जेनेटिक कार्ड समाज की कुंडली

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब तक एक करोड़ 32 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और लगभग 95 से 96 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने डिजिटल जेनेटिक कार्ड को विवाह संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह जन्म कुंडली की तरह उपयोगी है और विवाह से पूर्व इसका मिलान आवश्यक है। इससे आने वाली पीढि़यों को इस आनुवंशिक बीमारी से बचाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री : भावी पीढिय़ों को बचना सबकी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शिरोमणि आदि शंकराचार्य की तपोभूमि और जननायक टंट्या मामा की कर्मस्थली पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी का प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और कई पीढ़ियां इसकी पीड़ा झेलती हैं। इसलिए इसे रोकना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री : प्रदेश में 3700 से अधिक सिकल मित्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 3700 से अधिक ‘ सिकल मित्र ’ भी जन-जागरूकता के इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां पहले प्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, अब 32 कॉलेज हो गए हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा में भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल के खिलाफ यह लड़ाई समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही जीती जा सकेगी।

इन पंचायतों को उत्कृष्ट सम्मान

कार्यक्रम में सिकल सेल उन्मूलन की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों, सरपंचों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कार्यकर्ताओं आदि का सम्मान किया।