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जावर उद्वहन सिंचाई योजना… बैठक में सब ठीक होने का दावा करने वाला ठेकेदार अब कर रहा सुधार

-अब भी पाइप लाइन खेतों में पड़ी, ठेकेदार द्वारा कई जगह ढकने के प्रयास -कलेक्टर ने दिए है जावर उद्वहन सिंचाई योजना में जांच के आदेश, तीन दिन में होनी थी जांच, अब तक अधूरी
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खंडवा

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Manish Arora

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Updated: 18 Jun 2026, 12:19 PM IST

Jawar Lift Irrigation Scheme

खंडवा. स्कीम 4 के गांवों में अब पाइप लाइन डालने का काम शुरू हुआ।

नहर विभाग के अधिकारियों ने बैठक में ठेकेदार की बात मानकर सांसद, विधायक, कलेक्टर को सब ठीक होने का दावा कर दिया। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने जांच के आदेश दिए तो मैदान में उतरे अमले ने हकीकत सामने ला दी। ठेकेदार अब भी खेतों और नदी-नालों किनारे पड़े पाइपों को जोडऩे में लगा हुआ है। मामला जावर उद्वहन सिंचाई योजना में भारी लापरवाही और अनियमितताओं का है। कलेक्टर गुप्ता ने 16 सदस्यीय चार दलों को अलग-अलग जांच सौंपी है।

7 साल बाद भी अधूरी परियोजना

जावर उद्वहन सिंचाई योजना में 33 गांवों की तीन दिन में जांच पूरी होना थी, लेकिन राष्ट्रपति के दौरा कार्यक्रम में अधिकारियों की ड्यूटी लगी होने से जांच प्रभावित हो रही है। उल्लेखनीय है कि जावर उद्वहन सिंचाई का काम दो वर्ष में पूरा होना था, लेकिन सात साल बाद भी 466 करोड़ की योजना अधूरी पड़ी है।

स्कीम 4 में तो मुख्य पाइप लाइन ही नहीं

योजना के स्कीम 4 में आने वाले एक दर्जन गांवों में तो मुख्य लाइन ही नहीं डली है। कई गांवों में 600 एमएम के एमएस (लोहे) के पाइप ही नहीं डले है। डिस्ट्रिब्यूशन लाइन के जीएडी (प्लास्टिक) पाइप का तो कई जगह काम ही शुरू नहीं हो पाया है। जांच के दौरान सारी गड़बड़ी उजागर हो रही है। जांच पूरी होने के बाद चारों दल अपनी रिपोर्ट एसडीएम के माध्यम से कलेक्टर को सौंपेंगे।

बड़गांव माली में डाली पाइप लाइन

सोमवार को ठेकेदार द्वारा बड़गांव माली के चंपानगर के पास 600 एमएम नर्मदा नहर की पाइप लाइन का काम शुरू किया गया। यहां पाइप लाइन तो डाली जा रही है, लेकिन दो जगह पर रोड क्रॉसिंग भी नहीं जोड़ी गई। यहां से एक पाइप लाइन जो तालाब की ओर जा रही है, उसे भी नहीं जोड़ा गया है। कई जगह खेतों में ही पाइप पड़े हुए है। विभाग का दावा है कि 52 में से आधे गांवों में सप्लाय चालू हो चुकी है, हकीकत अब तक एक भी गांव में पानी नहीं पहुंचा है।

एक माह में भी पूरा नहीं होगा काम

ग्रामीण भानूप्रताप सिंह ने बताया कि स्कीम 4 के गांवों में बड़ी पाइप लाइन का काम ही शुरू नहीं हुआ है। कोटवाड़ा, सतवाड़ा, नहाल्दा, भंडारिया, जूनापानी, बड़गांव माली, सांवखेड़ा, शिवना आदि गांवों में अब एक टीम ने काम शुरू किया है। यहां अगर चार टीम लगातार काम करेगी तो भी एक माह में मुख्य लाइन का ही कार्य पूर्ण हो पाएगा। एक टीम से तो चार माह लग जाएंगे, डिस्ट्रिब्यूटर लाइन कब डलेगी पता नहीं।

52 गांव में 32 पेटी कांट्रेक्टर कर रहे काम

जावर उद्वहन सिंचाई में पाइप लाइन डालने का काम शासन ने हैदराबाद की जीवीपीआर इंजीनियर्स कंपनी को दिया हुआ है। ठेकेदार कंपनी ने तो कोई काम नहीं किया, बल्कि पूरा काम पेटी कांट्रेक्ट पर दे दिया। इसमें सबसे बड़ी बात ये है कि एक-दो पेटी कांट्रेक्टर नहीं, बल्कि 32 पेटी कांट्रेक्टर इसमें काम कर रहे है। इसमें तो कई राजनीति पार्टियों से जुड़े पदाधिकारी भी शामिल है, जिन्हें काम का कोई अनुभव नहीं है। जावर उद्वहन सिंचाई योजना को ठेकेदार कंपनी ने भगवान भरोसे छोड़ रखा है।