खंडवा. विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। अगले माह चुनाव का शंखनाद होगा। इस बीच ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर मुखर होने लगे हैं। मंगलवार को दो अलग-अलग गांव के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने अफसरों का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने अधिकारियों से कहा कि गांव में सड़क, पुलिया की समस्या लंबे समय से दूर नहीं हो रही है। इस बार विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। इससे पहले क्षेत्रीय सांसद, विधायक और अफसरों को आवेदन दे चुके हैं। चुनाव के पहले गांव में वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए। इस दौरान नाराज ग्रामीण नारे लगा रहे थेे कि अबकी बार सड़क, पुलिया नहीं तो वोट नहीं। बात नहीं बनी तो चुनाव के दौरान गांव-गांव में नेताओं को घुसने नहीं देंगे। इसी तरह जनसुनवाई में अन्य गांवों से आवेदक अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
एबीवीपी ने बच्चों के साथ सौंपा ज्ञापन
एबीवीपी के पदाधिकारी मंगलवार को हपला के स्कूली बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। ज्ञापन देकर कहा कि ग्राम आपला व डिप्ला के बीच नदी में पुलिया नीचे होने के कारण ऊपर से पानी बह रहा है। बा इससे आए दुर्घटनाएं हो रही हैं। सुक्ता डैम का पानी पुलिया के ऊपर से बहता है। पुलिया पर तेज बहाव के कारण 15 से बीस दिन तक बच्चे स्कूल नहीं जा सके। कई बच्चों की परीक्षाएं छूट गई। अब तक आठ से दस लोगों की जान चली गई है। नगर मंत्री हर्ष वर्मा ने कहा कि इसकी जानकारी अभिभावकों ने क्षेत्रीय विधायक समेत अधिकारियों को दी लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी।
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन, अफसरों का घेराव
सुंदरदेव ग्राम के बड़गांव माली, दीप माला और हल्पा के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बड़गांव माली के ग्रामीणों ने जनपद कार्यालय में आवेदन देकर कहा कि गांव में आज तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हुआ। गांव जिला मुख्यालय से महज आठ किमी दूर है। बड़गांव माली से सुंदरदेव गांव आधा किमी दूर है। कच्चा रास्ता होने के कारण मुख्य गांव तक पहुंचना मुश्किल होता है। शंकर सोलंकी के साथ पहुंचे ग्रामीणें ने आवेदन देकर कहा कि सड़क का निर्माण नहीं होने पर चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
इससे पहले ग्रामीणों ने अपर कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। इसी तरह दीप माला के ग्रामीणों ने अधिकारियों को फोटो दिखाते हुए कहा कि बारिश में पुलिया धंस गई है। आए दिन किसान के ट्रैक्टर समेत अन्य वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। आवागमन बाधित हो जाता है।
उधर, हल्पा के ग्रामीणों ने जनपद कार्यालय में ज्ञापन देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिकारियों का घेराव करते हुए कहा कि पुलिया का निर्माण नहीं हुआ तो वे चुनाव के दौरान ग्रामीणों को गांव में घुसने नहीं देंगे। गांव में तीन गेट लगे हैं। तीनों बंद कर दिए जाएंगे। ग्रामीणों ने कहा कि हम लोग भाजपा समर्थित हैं। पार्टी के सदस्य भी हैं। लेकिन इसके बाद भी क्षेत्रीय प्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सबसे अधिक समस्या हापला से दीपमाला गांव के बीच आने-जाने को लेकर है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।