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बैंक की अमानत में खयानत करने वाले को सजा

थाने में लिखाई थी लूट की झूठी रिपोर्ट, दो वर्ष सश्रम कारावास के साथ लगाया अर्थदंड

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खंडवा. लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा कर बैंक की अमानत में खयानत करने वाले को अदालत ने सजा सुनाई है। न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विपेन्द्र सिंह यादव ने दोषी पाते हुए आरोपी हेमंत पिता राजेन्द्र यादव (28) निवासी ग्राम दोंदवाड़ा जिला खंडवा को आइपीस की धारा 408 में 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 400 रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। इसी तरह आइपीसी की 418 व 120बी में एक- एक का सश्रम कारावास एवं 200- 200 रुपए अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन की ओर से प्रकरण का संचालन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी भवानी शंकर दांगी ने किया।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी मो. जाहिद खान ने बताया कि 29 जुलाई 2015 को सूचनाकर्ता अतुल द्विवेदी आधार फायनेंस कंपनी खंडवा में शाखा प्रबंधक के पद कार्यरत था और आरोपी हेमंत यादव इसी कंपनी में क्रेडिट ऑफिसर के पद पर काम कर रहा था। हेमंत ग्राम शिवना व आसपास के क्षेत्र में कंपनी की उधार राशि वसूलने गया था। तभी अतुल के पास अज्ञात नंबर से कॉल आया कि आपकी कंपनी का कर्मचारी हेमंत यादव ग्राम भोंडवा से पहले रोड पर नीचे पड़ा है और पास में मोटर साइकिल पड़ी है। खबर पाकर अतुल एक कर्मचारी संदीप को लेकर मौके पर पहुंचे तो देखा कि हेमंत रो रहा था। उसने बताया कि उधार की राशि एक लाख 39 हजार 230 रुपए वसूली कर लौटते समय कार सवार नकाबपोशों ने उसे लूट लिया। यह जानते ही अतुल ने घटना के संबंध में थाना प्रभारी छैगांव माखन को लिखित एक आवेदन पत्र दिया। जिस पर आइपीसी की धारा 394, 120बी के तहत केस दर्ज कर लिया था। विवेचना के दौरान सह आरोपी ललित व हरिओम से पूछताछ की गई। विवेचना में पाया गया कि हेमन्त ने ललित व हरिओम के साथ मिलकर कंपनी की रिकवर की गई राशि व सामग्री का गबन करने के लिए आपस में षड्यंत्र कर लूट की झूठी रिपोर्ट लिखाई थी। ऐसे में हेमन्त, ललित व हरिओम के विरूद्ध आइपीसी की धारा 408, 420, 120बी के तहत केस दर्ज किया गया। बताया गया है कि इस मामले में आरोपी ललित फरार है व अन्य आरोपी हरिओम की मृत्यु हो चुकी है।