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बारिश का कहर : आधी रात 500 लोगों को किया शिफ्ट, कई परिवारों ने दूसरी मंजिल पर चढ़कर बचाई जान, सर्वे कार्य शुरू

ओंकारेश्वर व खंडवा क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान, संभागायुक्त ने मांगी रिपोर्ट

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खंडवा

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Rajesh Patel

Sep 19, 2023

Rain havoc: 500 people shifted at midnight,

Rain havoc: 500 people shifted at midnight,

खंडवा. चौबीस घंटे की मूसलाधार बारिश ने नदी, नाले और पहाड़ी क्षेत्र के रहवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी है। सबसे अधिक ओंकारेश्वर और खंडवा शहरी क्षेत्र के सीमावर्ती निचली बस्तियों में नुकसान हुआ है। नर्मदा के बढ़े जलस्तर से आस-पास के मठ, मंदिरों समेत 150 से अधिक घरों में पानी घुस गया। प्रभावित परिवारों की गृहस्थी नष्ट हो गई। घरेलू सामग्री और राशन पानी में बह गया। ओंकारेश्वर में चार मवेशी बह गए। गजानंद आश्रम समेत निचली बस्तियों में 21 से अधिक मकानों की दीवारें ढह गईं। ममलेश्वर मंदिर में पानी घुस से दूसरे दिन मंदिर बंद रहा। साफ-सफाई की जा रही है। नदी के दोनों छोर पर मकानों के प्रथम तल खाली कर दूसरी मंजिल पर चढ़कर जान बचाई।

प्रशासन ने आधी रात 1000 से अधिक घरों में रेस्क्यू कर करीब 500 लोगों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया। खंडवा शहर, मूंदी आदि कई जगहों पर कच्चे मकान व पक्के मकान की दीवारें ढह गईं। प्रारंभिक सर्वे में किसी तरह के हताहत सूचना नहीं है। संयुक्त कलेक्टर अंशु जावला की रिपोर्ट के अनुसार चार मवेशी, 15 दीवार ढह गई हैं। जलभराव के कारण घरों में पानी घुसने से घरेलू सामग्री, राशन आदि का नुकसान हुआ है। ओंकारेश्वर में नायब तहसीलदार व राजस्व निरीक्षकों का दो दल गठित किया गया है। कलेक्टर अनूप कुमार सिंह ने राजस्व समेत अन्य विभाग के अधिकारियों की तैनात किया है।

मक्का, सोयाबीन और प्याज की सैकडों हेक्टेयर फसलें प्रभावित

जिले में तेज बारिश और हवा के कारण मक्का की फसल आड़ी हो गई। इससे सैकड़ों हेक्टेयर खरीफ फसल प्रभावित हुई है। खेतों पर आड़ी हुई फसलों का उत्पादन प्रभावित होगा। पिछले तीन, चार दिन से हुई बारिश के दौरान सोयाबीन की फसलें पीली पड़ गई है। एक सप्ताह पहले सूख पड़ने से फसलें खराब हुईं। अचानक लगातार बारिश के कारण बची फसलें भी तबाह हो गईं। खंडवा, छैगांव माखन, खालवा, पंधाना, पुनासा समेत अन्य क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। प्याज की फसलें तेज बारिश में पानी के बहाव के कारण जड़ों से उलखड़ गई हैं। जिन खेतों में पानी ठहर गया है वहां सड़ने लगी हैं।

ओंकारेश्वर में जलस्तर घटने के बाद का नजारा।

ओंकारेश्वर में दूसरे दिन भी पानी भरा होने से दूसरी तल पर चढ़े लोग।

पहले सूखा और अब अतिवृष्टि से फसल खराब हुई है। मक्का, प्याज की सबसे अधिक प्रभावित हुई है। सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति दिया जाए।

राजाराम पटेल, किसान, बरूड़,
तीन एकड़ में कपास, एक एकड़ में मिर्ची और दो एकड़ में प्याज की फसल बोई थी। खेत में लगातार तीन दिन से जलभराव बना हुआ है। इससे प्याज खराब हो गई।

गणेश पटेल, किसान, टिघरिया,
शासन को भेजी जानकारी

सीएम ने शनिवार की आधी रात के बाद डेढ़ बजे समीक्षा की। सुबह कलेक्टर ने दो दिन तक चले बारिश के दौरान हुए नुकसान की जानकारी शासन को भेजी है। ओंकारेश्वर में सर्वे के लिए नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षकों के दो दल गठित किए गए हैं। इसके अलावा एसडीएम व तहसीलदारों को निर्देश दिया है कि बारिश के दौरान प्रभावित परिवारों के बचाव व रिपोर्ट तलब की है।
चौबीस घंटे कंट्रोलरूम चा

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