
registries : 20 years old registries will be online
खंडवा. भू-स्वामियों को पुरानी रजिस्ट्री के रिकॉर्ड के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे। अब ऑनलाइन सिंगल क्लिक पर घर बैठे दस्तावेज मिल जाएंगे। जमीन की रजिस्ट्री वर्ष 2015 से ऑनलाइन हो रही है। इससे पहले की पुरानी रजिस्ट्री के दस्तावेज ऑफलाइन हैं। कार्यालय में रखे ऑफलाइन दस्तावेज को लेने भू-स्वामियों को पसीना बहाना पड़ता है अब ये दस्तावेज ऑनलाइन होंगे। कार्यालय में करीब बीस साल के पुराने दस्तावेज रखे हुए हैं।
ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी
पंजीयक विभाग वर्ष 2006 से 2015 के बीच ऑफलाइन हुई रजिस्ट्री के दस्तावेज को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला पंजीयक प्रभात बाजपेयी के मुताबिक वर्ष 2015 से जमीनों की रजिस्ट्री ऑनलाइन हो रही है। इससे पहले ऑफलाइन रजिस्ट्री होती थी। वर्ष 2006 से 2015 के बीच के रिकार्ड को डिजिटाइज किया जा रहा है। जिला पंजीयक प्रभात वाजपेयी ने बताय कि अक्टूबर तक डिजिटाइजेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोगों को ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेगा।
सवा लाख दस्तावेज होंगे आनलाइन
खंडवा में वर्ष 2006 से 2015 के बीच सवा लाख से अधिक रजिस्ट्रियां हुई हैं। कार्यालय में रखे मैन्युअल दस्तावेजों को ऑनलाइन के लिए एक-एक पेजों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है। जिला पंजीयक कार्यालय में इस कार्य को चेन्नई की 9-स्टार नाम की संस्था कर रही है। कार्यालय में चार सिस्टम लगाए गए हैं। अभी तीन सिस्टम पर कार्य किया जा रहा है। कर्मियों ने बताया इसकी प्रक्रिया अक्टूबर में पूरी होगी। बताया गया कि यह संस्था इंदौर संभाग समेत अन्य जिले में डिजिटाइजेशन का कार्य कर रही है।
ये होंगे फायदे
बताया गया कि विभाग ने इ-संपदा-1 पोर्टल को अपग्रेड कर इ-संपदा-2 शुरू कर दिया है। इसमें पुराने रिकॉर्ड भी ऑनलाइन हो जाएंगे। इससे पुरानी रजिस्ट्री को खोजना आसान हो जाएगा। वसीयत, पॉवर ऑफ एटार्नी, बंधक, सर्टिफाइड दस्तावेज भी आसानी से मिल जाएंगे। बारिश, आगजनी या फाइल खराब होने की समस्या दूर हो सकेगी। किसी भी तरह की प्रॉपर्टी पर हुई रजिस्ट्री को खोजना भी आसान हो जाएगा।
Published on:
29 Jul 2023 12:54 pm
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