
खंडवा. सिद्धवरकूट और ओंकारेश्वर को जोडऩे बनेगा पुल। पीली रेखा में पुल और रोड।
सिंहस्थ 2028 के लिए तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में 500 करोड़ से भी ज्यादा के निर्माण कार्य होना है। इसमें प्रमुख रूप से तीन पुलों का निर्माण है, जिससे सिंहस्थ के दौरान क्राउड कंट्रोल मैनेजमेंट भी किया जाएगा। तीन में से एक पुल की तकनीकी स्वीकृति हो चुकी है, लेकिन मामला प्रशासकीय स्वीकृति में अटका हुआ है। वहीं, बचे हुए दो पुल में से एक को बजट में शामिल किया गया है, जबकि दूसरे पुल का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी सेतू निगम द्वारा भेजा गया है।
सिंहस्थ के लिए जिन तीन पुलों का निर्माण होना है, उसमें प्रमुख रूप से कावेरी नदी पर सिद्धवरकूट से ओंकारेश्वर को जोडऩे वाले पुल को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है। पुल 400 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। इस पुल से ओंकारेश्वर मंदिर मार्ग तक 1260 मीटर लंबी सडक़ भी जोड़ी जाएगी। पुल की लागत 37.94 करोड़ रुपए है। पुल के टेंडर होने के बाद 24 माह में इसे पूरा करना होगा। निर्माण अवधि में वर्षाकाल का समय नहीं जोड़ा गया है। इस पुल से तीन माइनर ब्रिज भी जोड़े जाएंगे। वर्तमान में प्रशासकीय स्वीकृति मिल भी जाती है तो मानसून सीजन शुरू होने से पुल का निर्माण फिलहाल चार माह तक शुरू नहीं हो पाएगा।
हल्के मोटर वाहन के लिए बनेगा
वर्तमान में ओंकारेश्वर बांध से सिद्धवरकूट जाने का रास्ता है, लेकिन सुरक्षा कारणों से यहां पर आवागमन बंद है। कावेरी नदी पर बनने वाले इस पुल के निर्माण से जैन तीर्थ सिद्धवरकूट और तीर्थनगरी जुड़ जाएगी और करीब 25 किमी का सफर कम हो जाएगा। वर्तमान में सिद्धवरकूट के लिए बड़वाह से होकर जाना पड़ता है। पहले इस पुल को पैदल पुल के रूप में प्रस्तावित किया गया था, लेकिन जनप्रतिनिधियों की मांग पर बाद में इसे लाइट मोटर व्हीकल पुल के रूप में स्वीकृति दी गई। इंदौर से आने वाले वाहन बड़वाह होते हुए सिद्धवरकूट से सीधे ओंकारेश्वर पहुंच सकेंगे।
पुराने झूला पुल के समानांतर बनेगा नया पुल
सिंहस्थ 2028 के दौरान करीब 10 करोड़ श्रद्धालुओं के ओंकारेश्वर पहुंचने की संभावना है। वर्तमान में पुराना झूला पुल और नया झूला पुल दो ही मार्ग ज्योतिर्लिंग मंदिर तक जाने के लिए है। भीड़ को देखते हुए दो नए पुल भी मंदिर मार्ग के लिए नर्मदा नदी पर प्रस्तावित है। इसमें पुराने झूला पुल के समानांतर 320 मीटर लंबाई और चौड़ाई 4 मीटर है, जिसकी लागत 49.93 करोड़ रुपए है। ये पुल सिंहस्थ के लिए बजट में भी शामिल है।
प्रशासकीय स्वीकृति का इंतजार
सिद्धवरकूट-ओंकारेश्वर ब्रिज की तकनीकी स्वीकृति हमें मिल चुकी है। प्रशासकीय स्वीकृति होते ही इसके टेंडर चीफ इंजीनियर कार्यालय से जारी किए जाएंगे। टेंडर होने के बाद तुरंत ही पुल का काम शुरू कराया जाएगा।
विकास कनेश, एसडीओ सेतू निगम
Published on:
23 May 2025 01:14 pm
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