
खंडवा. इंदिरा सागर बांध के खुले गेट।
खंडवा.
नर्मदा के ऊपरी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से खंडवा जिले के बांध छलक उठे हैं। इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध का जल स्तर बनाए रखने के लिए लगातार टरबाइन चलाई जा रही है और गेट खोल दिए गए है। रविवार शाम तक इंदिरा सागर बांध के 12 गेट और ओंकारेश्वर बांध के 18 गेट खोले जा चुके थे। दोनों बांधों से करीब 12 हजार क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। नर्मदा के निचले इलाकों में हाई अलर्ट घोषित किया जा चुका है। वहीं, हरदा में अजनाल नदी उफान पर होने से खंडवा-हरदा स्टेट हाईवे करीब 8 घंटे बंद रहा।
रविवार सुबह तक इंदिरा सागर बांध के 10 गेटे खोले गए थे। वहीं, ओंकारेश्वर बांध के 14 गेट खुले थे। शाम को पानी बढऩे के बाद इंदिरा सागर के दो और ओंकारेश्वर बांध के 4 गेट खोलना पड़े। एनएचडीसी प्रबंधक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि इंदिरा सागर बांध के 12 गेट आधा मीटर तक खोले गए है। 8 टरबाइन और गेटों से करीब दो हजार क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ व ओंकारेश्वर पॉवर स्टेशन प्रभारी केएस पांडेय ने बताया कि ओंकारेश्वर बांध के कुल 23 में से 18 गेट खोले जा चुके हैं, जिसमें 5 गेट ढाई मीटर तक, 2 गेट डेढ़ मीटर और 3 गेट एक-एक मीटर तक व एक गेट आधा मीटर खुले हुए हैं। डेम के गेेटों से कुल 7293 क्यूमेक्स और पॉवर हाउस से 1896 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। कुल 9189 क्यूमेक्स पानी ओंकारेश्वर बांध से प्रति सैकंड छूट रहा है।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पहुंचे एसडीएम
ओंकारेश्वर बांध से छोड़े जा रहे पानी के चलते नर्मदा के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने नर्मदा स्नान और नाव संचालन पर शनिवार से ही रोक लगा दी है। निचले इलाकों में हाई अलर्ट भी घोषित है। रविवार को एसडीएम पुनासा सीएस सोलंकी ने पुलिस बल के साथ बाढ़ संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान नर्मदा किनारे रहने वालों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। एसडीएम सीएस सोलंकी ने बताया कि नर्मदा के निचले इलाकों में नर्मदा खतरे के निशान से करीब 15 फीट नीचे है। एसडीआरएफ व पुलिस बल को सतर्क रहने को कहा गया है।
Published on:
25 Jul 2022 01:00 pm
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