
टीआइ के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर एकजुट हुए संगठन
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण मंच सहित अन्य हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्रित हुए। सभी ने रैली के रूप में एसपी कार्यालय पहुंचे और मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कोतवाली टीआइ प्रवीण आर्य को तत्काल निलंबित करने की मांग की। उनका आरोप था हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता हर्ष बाथम और अक्षय मालविया के खिलाफ दुर्भावनावश प्रकरण दर्ज किया गया है। इस बीच विधायक पति मुकेश तनवे भी धरने में शामिल हो गए। उन्होंने भी कार्रवाई की मांग की। महादेवगढ़ संरक्षक अशोक पालीवाल, डॉ. अनीष अरझरे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की।
चक्काजाम से थमा यातायात, पुलिस अधिकारियों से नहीं बनी बात
धरना शुरू होने के साथ ही प्रदर्शनकारियों ने हरसूद-खंडवा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। इस दौरान एएसपी महेंद्र तारणेकर और सीएसपी अभिनव बारंगे ने आंदोलनकारियों से चर्चा कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी टीआई आर्य के निलंबन और एसपी से सीधी चर्चा की मांग पर अड़े रहे। करीब ढाई घंटे तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन जारी रहा। यह देख पुलिस ने हरसूद नाका और जनपद तिराहे से मार्ग डायवर्ट कर दिया। साथ ही एसपी कार्यालय पहुंच मार्ग पर स्टापर रख दिए। गेट से निकलने का प्रयास कर रहे पुलिसकर्मियों को भी रोक दिया। इससे कुछ देर के लिए गहमागहमी हो गई।
किशोरी का वीडियो दिखाकर रखी पक्ष की बात
हिंदू जागरण मंच के प्रांत संयोजक निलेश वर्मा, माधव झा और अन्य पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक अगम जैन के समक्ष अपना पक्ष रखा। उन्होंने दावा किया कि जिस मामले में संगठन के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की गई है, उसमें किशोरी ने किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नामजद शिकायत नहीं की थी। पदाधिकारियों ने एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें किशोरी कथित रूप से शिकायत नहीं करने की बात कहती नजर आ रही है। उनका कहना था कि घटनास्थल बजरंग चौक के वीडियो में भी संबंधित कार्यकर्ता किसी प्रकार की मारपीट करते हुए दिखाई नहीं दे रहे हैं।
तीन दिन का समय, फिर आंदोलन की चेतावनी
मौके पर पहुंचे एसपी अगम जैन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर तीन दिन के भीतर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। यदि किसी स्तर पर टीआइ की गलती पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। वहीं, संगठन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन और पुलिस अधिकारियों का घेराव भी किया जाएगा।
Published on:
21 Jun 2026 12:03 pm
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