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कंपनी ने महिलाओं को कागज पर बना दिया अमीर, हकीकत में गरीब, आपत्ति बोलीं…राशन से नहीं करो सरकार

जिले में 180 से अधिक महिलाओं के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं जो वास्तव में गरीब है। दरअसल यह महिलाएं कृषि फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की सदस्य है और कंपनी ने इनके आयकर रिटर्न जमा कर दिए, जबकि इन्हें कंपनी से अभी तक कोई आर्थिक फायदा नहीं पहुंचा है।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Sep 17, 2025

More than 15 lakhs PDS ration scam exposed in bhikangaon area of Khargone in mp news

जिले में 1905 में से 335 ने राशन सूची में से नाम कटने पर आपत्ति लगाई है। इसमें 180 से अधिक समूह की महिलाएं शामिल हैं। कुछ महिलाओं ने कहा कृषि फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के सदस्य होने के नाते भरा रिटर्न, आय नहीं है।

बीपीएल धारकों के निरस्त कार्ड में समूह की महिलाएं

जिले में आयकर दाता की श्रेणी में आने वाले बीपीएल धारक के राशन कार्ड निरस्त करने के मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। जिले में 180 से अधिक महिलाओं के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं जो वास्तव में गरीब है। दरअसल यह महिलाएं कृषि फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की सदस्य है और कंपनी ने इनके आयकर रिटर्न जमा कर दिए, जबकि इन्हें कंपनी से अभी तक कोई आर्थिक फायदा नहीं पहुंचा है। महिलाओं ने अब आपत्ति लगाकर कहा है कि हमें कागजों पर अमीर बना दिया जबकि गरीब है। हमें राशन से वंचित नहीं करें।

कृषि प्रोड्यूसर कंपनी में सिर्फ सदस्य

पंधाना की कृषि नमामि फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी ने समूह की महिलाओं को कागज पर अमीर बना दिया। महिलाओं को अमीर होने की जानकारी तब हुई जब उन्हें सितंबर माह से राशन मिलना बंद हो गया। समूह की महिलाओं ने जिला आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय में आवेदन देकर आपत्ति लगाई है कि कृषि नमामि फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी पंधाना में वह बतौर सदस्य हैं। कंपनी से कोई फायदा नहीं हुआ है। वास्तविक रूप से गरीब है। हालांकि जिला आपूर्ति अधिकारी का कहना है कि आपत्ति का परीक्षण किया जा रहा है। शासन ने भी समूह की महिलाओं को राशन की पात्रता में रखने का कहा है।

आजीविका मिशन ने बनाया है कृषि प्रोड्यूसर कंपनी

नाबार्ड ने समूह की महिलाओं को रोजगार देने और कृषि को लाभ का धंधा बनाने ‘कृषि नमामि फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी ’ बनाई है। इसका संचालक समूह के सदस्य कर रहे हैं। कंपनी में मापदंड के तहत 500 से अधिक सदस्य हैं। इसमें समूह की 180 से अधिक महिलाएं ऐसी हैं जो जिनका रिटर्न भरने की कागजी प्रक्रिया की गई। इससे वह आयकर की लिस्ट आ गईं। इसी तरह अन्य समूह का संचालन करने वाली महिलाओं के अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारी बैंकों में खाते खुले हुए हैं। रिटर्न भरने वाले सभी सदस्य आयकर की लिस्ट में नाम आ गया। आजीविका मिशन के प्रबंधक आनंद शर्मा का कहना है कि समूह की महिलाओं ने आपत्ति दर्ज कराई या नहीं हैं। इसकी जानकारी संस्था लेंगे।

1570 के नाम पोर्टल से बाहर, 335 की सुनवाई

खाद्य विभाग ने आयकर की लिस्ट में शामिल होने वाले 1905 में से 1570 के नाम पोर्टल से बाहर कर दिया। शेष 335 के आपत्तियों की सुनवाई कर रहा है। इसमें सबसे अधिक समूह की महिलाओं के नाम शामिल हो गए हैं। समूह की महिलाओं को छोडे़ं दे तो सामान्य लोगों में खंडवा नगरीय क्षेत्र के सबसे अधिक 36 आयकर दाता है जो राशन ले रहे हैं। इसमें तीन कथित पत्रकार भी शामिल हैं। खालवा में 42 ने आपत्ति दर्ज की है। मूंदी, ओंकारेश्वर और पंधाना नगर पंचायत में एक भी आपत्ति दर्ज नहीं कराया है। पंधाना ग्रामीण समेत अन्य ब्लाक क्षेत्र में दस-दस ने आपत्ति दर्ज कराई है।