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इंदौर-इच्छापुर हाईवे- मोरटक्का पुल पर एक माह रहेगा यातायात बंद

बढ़ेगी परेशानी...-एनएचएआइ, इंजीनियरिंग कॉलेज विशेषज्ञों की टीम ने किया निरीक्षण-सुधार कार्य और टेस्टिंग के बाद ही शुरू होगा पुल से आवागमन

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खंडवा

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Manish Arora

Sep 19, 2023

इंदौर-इच्छापुर हाईवे- मोरटक्का पुल पर एक माह रहेगा यातायात बंद

खंडवा. मोरटक्का पुल पर बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गया।

खंडवा.
इंदौर-इच्छापुर हाईवे स्थित मोरटक्का पुल पर पहले नर्मदा का जल स्तर बढऩे और बाद में इसकी हालत खराब होने के चलते यातायात बंद किया गया है। बाढ़ से पुल की रेलिंग बह गई और पूरा डामर भी उखड़ गया। सोमवार को यहां एनएचएआइ के अधिकारियों और इंदौर इंजीनियरिंग कॉलेज के विशेषज्ञों ने निरीक्षण किया है। विशेषज्ञों के अनुसार पुल पर सुधार कार्य और टेस्टिंग के बाद ही आवागमन शुरू किया जाएगा, जिसमें करीब एक माह का समय लग सकता है। इससे खंडवा से इंदौर के लिए यात्रा करने वालों की परेशानी बढ़ेगी।
पिछले दिनों हुई बारिश से मोरटक्का पुल भी डूब गया था। रविवार को पानी उतरने के बाद यहां के हालात खराब नजर आए। पुल की दोनों ओर की रेलिंग बह गई, डामर की पांच इंच मोटी परत उखड़कर बह गई। कई जगह 700 स्क्वेयर फीट का पेचवर्क ही बह गया, जिससे स्लैब नजर आ रहे है। सोमवार को मोरटक्का पुल के तकनीकी निरक्षण के लिए एनएचएआइ के अधिकारियों के साथ इंदौर के एसजीएसआईटीएस कालेज के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट का तीन सदस्यीय दल पहुंचा। दल में शामिल प्रोफेसर डॉ. विजय रोड़े, डॉ. एमके लघाटे व प्रो. विवेक तिवारी ने दो घंटे से अधिक समय तक पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एनएचएचएआइ के वरिष्ठ अधिकारी और टीम लीडर अनुरंजन विजयवर्गीय, ब्रिज इंजीनियर आनंद सिन्हा भी थे।
लोड टेस्ट और ड्रोन सर्वे करना होगा
तीनों प्रोफेरों ने पुल की दरार के अंदर से पत्थरों को निकाला और उसके कुछ सैंपल अपने साथ रखे। साथ ही गिट्टी और पत्थरों को निकालकर उसे भी सैंपल के तौर पर जांच के लिए अपने साथ रखा है। टीम के सदस्यों ने बताया कि इस बार पुल को काफी नुकसान हुआ है। डामर बहने से पुल की स्लैब दिखने लगी है। आवागमन शुरू करने के पहले जांच जरूरी है। डामर को पूरी तरह उखाड़कर फिर से सीसी की स्लैब भरना पड़ेगी। इसके बाद डामरीकरण होगा। इसके पूर्व पुल की आर्च की भी निचले स्तर से जांच जरूरी है। इसके लिए ड्रोन सर्वे भी करना जरूरी है। पुल की भार क्षमता को जांचने के लिए लोड टेस्ट करना होगा।
एक महीने तक का समय लग सकता है
एनएचएआई के अधिकारी विजयवर्गीय ने बताया कि सुरक्षित आवागमन हमारा प्रमुख उद्देश्य है। जल्दबाजी में कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहते हैं। सारे टेस्ट के बाद ओके रिपोर्ट आने पर पुल से आवागमन शुरू किया जाएगा। इस पूरे कार्य में एक से अधिक एजेंसी मिलकर कार्य करेगी। इन सब के बीच पुल पर फिर पहले जैसा अवगामन शुरू होने में एक माह तक का समय भी लग सकता है। फिर भी प्रयास करेंगे की जल्द से जल्द सारे कार्य पूर्ण कर आवागमन शुरू कर सके।